सहरसा, तीन जुलाई (भाषा) बिहार के सहरसा जिले में पुलिस जांच को कथित रूप से प्रभावित करने वाले एक बिचौलिए को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले में कथित संलिप्तता को लेकर 10 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस जांच में एक व्यक्ति के कथित हस्तक्षेप का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद की गई जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कुमार आशीष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सहरसा जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र के बहुअरवा गांव निवासी सतीश कुमार को पुलिस जांच को अवैध रूप से प्रभावित करने और सलखुआ थाने में बिचौलिए की भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मामले में कथित संलिप्तता को लेकर 10 पुलिस अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देश पर की गई है।
डीआईजी ने बताया कि बृहस्पतिवार को गौसपुर स्थित एक मंदिर के पास नीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति को पुलिस ने रोका। उन्होंने बताया कि उसकी पहचान सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति के रूप में हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘उसके बैग की तलाशी लेने पर एक लैपटॉप, कीबोर्ड, माउस तथा विभिन्न अनुसंधान अधिकारियों से संबंधित मूल केस डायरी और अन्य अभिलेख बरामद किए गए। जांच में पता चला कि वह थाने के परिसर में आना-जाना करता था और लोगों से पैसे भी लेता था।’’
आशीष ने बताया कि आरोपी के लैपटॉप से कई मामलों से संबंधित केस फाइल मिली हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वह कथित तौर पर पुलिस डायरी लिखने, उसे अन्य लोगों तक भेजने का काम करता था।
उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ सलखुआ थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डीआईजी ने कहा, ‘‘जिन 10 अनुसंधान अधिकारियों की केस फाइल आरोपी के पास मिलीं और जिनकी कथित संलिप्तता सामने आई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करके पुलिस लाइन भेज दिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आशीष ने बताया कि इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाषा कैलाश अमित
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