पटना उच्च न्यायालय के वकीलों ने 11 मई को न्यायिक कार्यों से दूर रहने की अपील की

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पटना उच्च न्यायालय के वकीलों ने 11 मई को न्यायिक कार्यों से दूर रहने की अपील की

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  • Publish Date - May 9, 2026 / 01:03 PM IST,
    Updated On - May 9, 2026 / 01:03 PM IST

पटना, नौ मई (भाषा) पटना उच्च न्यायालय में वकीलों के संगठनों के एक समूह ने बार के सदस्यों से अपील की है कि वे 11 मई को न्यायिक कार्यों से दूर रहें, ताकि वे न्यायाधीशों के कथित ‘‘अशिष्ट’’ और ‘‘असहयोगी’’ व्यवहार के प्रति अपना रोष व्यक्त कर सकें।

उनका आरोप है कि कई बार न्यायाधीशों का व्यवहार ‘‘मर्यादा से परे’’ रहता है।

इस संबंध में शुक्रवार को ‘पटना उच्च न्यायालय के तीन संघों की समन्वय समिति’ की ओर से एक बयान जारी किया गया।

बार एसोसिएशन, लॉयर्स एसोसिएशन और एडवोकेट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित इस बयान में सात मई को रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी एक नोटिस का उल्लेख किया गया है।

हालांकि बयान में नोटिस का पूरा विवरण नहीं दिया गया, लेकिन एसोसिएशंस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह नोटिस उच्च न्यायालय परिसर में वकीलों के वाहनों के प्रवेश को सीमित करने से संबंधित था।

बयान में आरोप लगाया गया कि यह नोटिस ‘‘बार के प्रति न्यायाधीशों की भावना’’ को दर्शाता है।

बयान में कहा गया है, ‘‘अदालती कार्यवाही के दौरान न्यायाधीशों का वकीलों के प्रति व्यवहार असहयोगी, अशिष्ट, कई बार अपमानजनक और अभद्र रहा है, जो मर्यादा से नीचे जाकर प्रहार करने जैसा है।’’

इसमें यह भी कहा गया कि बार के वरिष्ठ सदस्य तक कुछ न्यायाधीशों के समक्ष पेश होने से डरते हैं।

इसी कारण समन्वय समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि बार के सदस्यों से अनुरोध किया जाए कि वे 11 मई 2026 को सुबह 10:30 बजे से अपने पेशेवर दायित्वों से दूर रहें।

भाषा गोला सुरेश

सुरेश