Contract Employees Regularization Latest News Today: सभी संविदा कर्मचारियों का होगा नियमितीकरण / Image Source: IBC24 Customized
पटना: Contract Employees Regularization Latest News Today संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा अब देशव्यापी बनते जा रहा है। देशभर से नियमितीकरण की मांग उठने लगी है। ये मुद्दा देश के उच्च सदन राज्यसभा तक पहुंच चुका है। हालांकि कई राज्य ऐसे हैं जहां की सरकार ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर पहल की है। इसी बीच खबर आ रही है कि सभी संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर सरकार ने फैसला ले लिया है। सूत्रों की मानें तो इस संबंध में दो अहम बैठकें हो चुकी है।
Contract Employees Regularization Latest News Today मिली जानकारी के अनुसार आगामी दिनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होना है, जिसके लिए प्रदेश सरकार तैयारी कर रहा है। चुनाव से पहले सरकारी और संविदा कर्मचारियों को लुभाने के लिए सरकार कई अहम फैसले लेने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि हाल ही में सीएम नीतीश सरकार और अधिकारियों के बीच दो बैठकें हुईं हैं जिसमें संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर चर्चा हुई है।
संविदाकर्मियों की मांगों को लेकर पूर्व मुख्य सचिव एके चौधरी की अध्यक्षता में उच्च समिति का गठन 24 अप्रैल 2015 को किया गया था। इस समिति का शुरुआती कार्यकाल 3 महीने का था, लेकिन साल-दर-साल दर्जनों कार्यकाल विस्तार के साथ समिति 2020 तक काम करती रही। कमेटी ने संविदा कर्मियों की संविदा सीमा 60 साल तक करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे सरकार ने मान लिया था, लेकिन सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दे पाई थी। अब सरकारी कर्मचारी बनाने का ऐलान हो सकता है।
बात करें प्रदेश में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की तो यहां बिहार में सीएम सचिवालय से लेकर प्रखंड स्तर पर 50 हजार से अधिक कर्मी ठेके पर तैनात हैं। चुनाव से पहले सरकार इन्हें सरकारी कर्मी का दर्जा देगी। सामान्य प्रशासन विभाग के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस पर दो दौर की बैठकें हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, डाटा एंट्री ऑपरेटर को क्लर्क पद पर सैटल किया जा सकता है।