Reported By: Devendra Mishra
,Dhamtari BJP Leaders Viral Video || IBC24 and AI Generated File
धमतरी: शहर के जनप्रतिनिधियों का एक वीडियो इन दिनों चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। वीडियो में नगर निगम महापौर और भाजपा पार्षद ई-रिक्शा में क्षमता से ज्यादा सवारी बैठकर शहर में घूमते नजर आ रहे हैं। (Dhamtari BJP Leaders Viral Video) जनप्रतिनिधियों का कहना था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल-डीजल बचाने और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा का उपयोग कर रहे थे, लेकिन इस दौरान ट्रैफिक नियमों की अनदेखी साफ दिखाई दी।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस ई-रिक्शा में सीमित संख्या में यात्रियों के बैठने की अनुमति होती है, उसी में छह से सात लोग सवार होकर शहर में विकास कार्यों का निरीक्षण करने निकले थे। वीडियो में कुछ लोग किनारे बैठे और एक-दूसरे से सटकर यात्रा करते नजर आए। आमतौर पर ई-रिक्शा में तीन से चार लोगों के बैठने की अनुमति होती है, लेकिन यहां क्षमता से अधिक सवारी बैठाई गई थी। बताया जा रहा है कि नगर निगम महापौर जगदीश रामू रोहरा और भाजपा पार्षद विकास कार्यों का निरीक्षण करने निकले थे। इस दौरान उन्होंने ई-रिक्शा का उपयोग कर ईंधन बचाने का संदेश देने की कोशिश की, लेकिन अब यही पहल सवालों के घेरे में आ गई है। (Dhamtari BJP Leaders Viral Video) लोगों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले जनप्रतिनिधियों को खुद नियमों का पालन कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
शहर में ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की सीख देती है। दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब जनप्रतिनिधि खुद नियमों का उल्लंघन करते नजर आए तो मामला और अधिक चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए ही हैं।
मामले पर ट्रैफिक डीएसपी मोनिका मरावी ने कहा कि उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं थी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-रिक्शा में क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाना नियमों के खिलाफ है और ऐसे मामलों में यातायात पुलिस कार्रवाई करती है। (Dhamtari BJP Leaders Viral Video) अब सवाल यह उठ रहा है कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद क्या संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी या मामला केवल चर्चा तक सीमित रह जाएगा।
गौरतलब है कि, पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभावित ऊर्जा और आर्थिक संकट के मद्देनजर देशवासियों से कई तरह की अपील की थी। इनमें निजी वाहनों क बजाये सार्वजानिक वाहनों के उपयोग, बेवजह यात्राओं से बचने, कारपूलिंग जैसी सलाह शामिल थी। पीएम के इस अपील को भाजपा शासित राज्यों ने लागू किया और अपने काफिलों से कई सरकारी वाहनों को हटाया भी। खुद प्रधानमंत्री ने अपने कॉनवे में महज दो करों के साथ सफर करते नजर आये थे।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
संयुक्त राष्ट्र की संस्था आईएफएडी की भारत में कृषि स्टार्टअप में सीधे निवेश की योजना
परिधान उद्योग के प्रतिनिधियों की उपराष्ट्रपति से मुलाकात, कपास पर आयात शुल्क हटाने की मांग
सिग्नेचर ग्लोबल का चालू वित्त वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये की बिक्री बुकिंग हासिल करने का लक्ष्य
लातविया की प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के ड्रोन पर विवाद के बाद इस्तीफा दिया
डीएलएफ आवासीय परियोजनाएं पूरी करने के लिए 21,300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगी