Pappu Yadav Arrest News/Image Source: ANI
बिहार: Pappu Yadav Arrest News: बिहार में सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पप्पू यादव और उनके करीब 20 समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई पुलिसकर्मियों को डराने-धमकाने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में की है। पुलिस के अनुसार यह मामला ड्यूटी के दौरान हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान सांसद पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने पुलिसकर्मियों के साथ बहस की और उन्हें धमकाने का प्रयास किया जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हुआ। बताया जा रहा है कि इससे पहले पप्पू यादव को 1995 के एक मकान विवाद मामले में कोर्ट के वारंट पर गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकरण में कोर्ट के समन की अनदेखी किए जाने पर न्यायालय ने सख्ती दिखाई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
Pappu Yadav Arrest News: बिहार के पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को वर्ष 1995 के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद शनिवार को पटना की एक अदालत ने दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने कहा कि उनकी जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी और तब तक उन्हें इलाज के लिए पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में रखा जाएगा।
पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ सांसद/विधायक अदालत द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) के तहत दर्ज मामले में वारंट जारी किया गया था। पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले यादव ने शुरू में पुलिस की टीम के साथ जाने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि पुलिस के पास संपत्ति कुर्की का वारंट है, गिरफ्तारी का नहीं। हालांकि बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
Pappu Yadav Arrest News: अदालत में यादव की ओर से पेश हुए अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने कहा, “उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। हालांकि जेल भेजने के बजाय अदालत ने आदेश दिया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच में रखा जाए।” अधिवक्ता ने दावा किया कि यादव ने स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी थी, लेकिन पुलिस के काम में बाधा डालने का एक “झूठा मामला” उनके खिलाफ दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, “उनकी जमानत जुलाई 2025 में रद्द हो गई थी और तब से उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी था। पुलिस चाहती तो उसी दिन उन्हें गिरफ्तार कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। वे मौके का इंतजार कर रहे थे और अब उन्हें इसलिए गिरफ्तार किया गया, क्योंकि वह बिहार में महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे थे।”