Mohan Bhagwat on Tariffs: ‘अपनी मर्जी से लेन-देन करेंगे, किसी के दबाव में नहीं’, टैरिफ पर मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- ‘अलग-थलग नहीं रह सकते’

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Mohan Bhagwat on Tariffs: 'अपनी मर्जी से लेन-देन करेंगे, किसी के दबाव में नहीं', टैरिफ पर मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- 'अलग-थलग नहीं रह सकते'

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  • Publish Date - February 7, 2026 / 10:11 PM IST,
    Updated On - February 7, 2026 / 10:16 PM IST

Mohan Bhagwat on Tariffs | Photo Credit: ANI

HIGHLIGHTS
  • आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर मुंबई में बड़ा कार्यक्रम आयोजित
  • मोहन भागवत ने स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया
  • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में दबाव या टैरिफ नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से लेन-देन करने की बात कही

मुंबई: Mohan Bhagwat on Tariffs राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे होने के मौके पर मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संगठन की विचारधारा और कार्यशैली पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया से अलग-थलग नहीं रह सकते लेकिन लेन-देन करेंगे तो अपनी मर्जी से करेंगे। किसी के दबाव में नहीं करेंगे, ना ही टैरिफ देखकर फैसले लेंगे। हम जो भी खरीदारी करेंगे, वह अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली होगी। हमें स्वदेशी को अपनाना चाहिए।

Mohan Bhagwat on Tariffs उन्होंने कहा कि “जो चीज़ें हमारे घरों में बनती हैं, उन्हें बाहर से नहीं लाना चाहिए। घर पर ही बढ़िया मसालेदार छाछ या नींबू पानी बनाया जा सकता है। यहां ऐसे लोग हैं जो छाछ बेचते हैं। ऐसी भारतीय कंपनियां भी हैं जो छाछ बेचती हैं। अब पुरानी प्रणालियों को ठीक वैसे ही लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि समय बदल गया है। लेकिन हम इतना तो कर सकते हैं हम जो भी खरीदें, ऐसी चीज़ें खरीदें जिनसे हमारे अपने देश में रोज़गार बढ़े।”

उन्होंने आगे कहा, “नीति स्तर पर, हम कहेंगे कि हम व्यापार करेंगे, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में लेन-देन ज़रूरी है। हम अलग-थलग नहीं रह सकते। लेकिन हम जो भी लेन-देन करेंगे, वह अपनी मर्ज़ी से करेंगे, किसी के दबाव में नहीं, और टैरिफ की वजह से नहीं। यह नीति धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है, लेकिन नीतियां अपनी गति से बदलती हैं, और यह बदलेगी। हम इसे अपने घरों में लागू करें।”

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आरएसएस का कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?

यह कार्यक्रम मुंबई में आयोजित हुआ।

मोहन भागवत ने किस मुद्दे पर जोर दिया?

उन्होंने स्वदेशी अपनाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को लेकर उन्होंने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि भारत व्यापार करेगा, लेकिन अपनी मर्जी से करेगा, किसी दबाव या टैरिफ के आधार पर नहीं।