बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी के समर्थन में लगे पोस्टर

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बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी के समर्थन में लगे पोस्टर

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 05:08 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 05:08 PM IST

पटना, नौ अप्रैल (भाषा) बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर विभिन्न वर्गों में जारी अटकलों के बीच, बृहस्पतिवार को पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय के बाहर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में पोस्टर लगाए गए लेकिन इनमें से कुछ पोस्टर को बाद में पार्टी कार्यालय के कर्मचारियों ने हटा दिया।

यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए दिल्ली रवाना होने के बीच सामने आया।

पोस्टर पर ‘वाल्मीकि समाज’ का नाम अंकित था। यह दलित समुदाय पारंपरिक रूप से सफाई कार्य से जुड़ा माना जाता है।

भाजपा की प्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें नहीं पता कि ये पोस्टर किसने लगाए हैं। फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएगा, जैसा कि पार्टी की परंपरा रही है।’’

इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद कुमार अगले सप्ताह अपनी कैबिनेट की अंतिम बैठक कर सकते हैं और उसके बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं।

चौधरी, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में अग्रणी नेताओं में गिने जा रहे हैं। प्रभावशाली पिछड़ा वर्ग समूह कोइरी जाति से ताल्लुक रखने वाले चौधरी को 2023 में भाजपा की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में लौटने के बाद 2024 में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया।

पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में राजग के सत्ता में लौटने पर चौधरी फिर उपमुख्यमंत्री बने और इस बार उन्हें गृह विभाग भी मिला, जिसे अब तक कुमार छोड़ने से हिचकते रहे थे।

भाजपा सूत्रों के अनुसार, 243 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा नयी सरकार का गठन 14 अप्रैल के बाद कर सकती है। इस दिन हिंदू पंचांग का एक माह का अशुभ काल ‘खरमास’ समाप्त हो जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि नयी सरकार के गठन को लेकर होने वाले ‘‘भव्य समारोह’’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित शीर्ष नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है।

इसे बिहार में ‘‘पहली बार भाजपा की सरकार’’ के गठन के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां हिंदी पट्टी का यह राज्य अब तक पार्टी की सीधी सत्ता से दूर रहा है।

शीर्ष पद के लिए चौधरी को ‘‘सबसे पसंदीदा’’ उम्मीदवार माना जा रहा है, लेकिन ‘‘चौंकाने वाला’’ फैसला भी संभव है, क्योंकि अंतिम निर्णय भाजपा का शीर्ष नेतृत्व करेगा जो अप्रत्याशित रणनीति अपनाने के लिए जाना जाता है।

इस बीच, जद(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद से जब बिहार में नयी सरकार के गठन पर चर्चा के लिए भाजपा द्वारा दिल्ली में बैठक किए जाने की खबरों पर सवाल किया गया तो ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘राजग के महत्वपूर्ण घटक के रूप में भाजपा को उभरती स्थिति पर विचार-विमर्श करने का अधिकार है। लेकिन एक बात स्पष्ट है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के चयन में उनकी सहमति ली जाएगी। साथ ही, वह नयी सरकार को मार्गदर्शन देने के लिए राज्य में यथासंभव अधिक समय देते रहेंगे।’’

भाषा कैलाश खारी

खारी