बिहार: विधान परिषद में हंगामे के बाद राजद सदस्य निलंबित, मार्शलों ने बाहर निकाला

बिहार: विधान परिषद में हंगामे के बाद राजद सदस्य निलंबित, मार्शलों ने बाहर निकाला

बिहार: विधान परिषद में हंगामे के बाद राजद सदस्य निलंबित, मार्शलों ने बाहर निकाला
Modified Date: February 10, 2026 / 11:26 pm IST
Published Date: February 10, 2026 11:26 pm IST

पटना, 10 फरवरी (भाषा) बिहार विधान परिषद में मंगलवार को हंगामे के बाद मार्शलों ने विपक्षी सदस्यों को सदन से बाहर निकाल दिया।

इससे पहले सभापति ने उन्हें कई बार अपनी सीट पर लौटकर सदन की कार्यवाही चलने देने की चेतावनी दी थी।

सभापति अवधेश नारायण सिंह ने विपक्षी सदस्यों को दिनभर के लिए निलंबित भी कर दिया था, जिनमें से अधिकांश राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्य हैं।

सदन में हंगामा तब शुरू हुआ, जब विपक्षी सदस्य राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के “बढ़ते” मामलों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए अपनी सीट पर खड़े हो गए।

हंगामे के बीच मुख्यमंत्री की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मंत्री अशोक चौधरी और राजद के सदस्य सुनील सिंह के बीच तीखी नोकझोंक भी देखी गई।

इसके कुछ ही देर बाद विपक्षी सदस्य आसन के समीप पहुंच गए, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य मंगल पांडे ने टिप्पणी की, “इनका व्यवहार बताता है कि ये सदन को चलने नहीं देना चाहते।”

सभापति ने हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा, “अपनी सीट पर जाइए, सदन चलने दीजिए, या कम से कम आज के लिए बाहर चले जाइए।”

जब विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे और सभापति व सत्तापक्ष की ओर उंगली उठाते रहे, तब अवधेश नारायण सिंह ने कहा, “मार्शलों को बुलाइए और इन सभी को बाहर कर दीजिए। इन्हें आज के लिए निलंबित भी किया जाता है।”

विधान परिषद में राजद के सदस्य और पार्टी के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सदन के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया, “हमें लगातार उकसाया जा रहा था, क्योंकि सत्तापक्ष के सदस्य तंज कसते रहे। लेकिन सभापति ने केवल हमें ही निशाना बनाया और उनके आचरण को नजरअंदाज कर दिया।”

हालांकि, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और मंत्री अशोक चौधरी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा, “वीडियो फुटेज सबके सामने है। हम अपनी सीट पर थे। वे लोग खुद उठकर हमारे पास आए और आक्रामक रवैया अपनाया। कई लोगों ने मेरे खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जो दलितों के प्रति उनके सम्मान की कमी को दर्शाता है।”

चौधरी ने कहा, “वे (राजद और सहयोगी) हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पराजित हुए हैं। उनका यह व्यवहार उनके चरित्र का प्रतीक है, जिसके लिए जनता ने उन्हें दंडित किया है।”

उन्होंने यह भी कहा, “कल राबड़ी देवी का आचरण भी अत्यंत आपत्तिजनक था। वह भी आसन के समीप पहुंच गई थीं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उंगली दिखा रही थीं।”

भाजपा की राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष, मंत्री और विधान परिषद के सदस्य दिलीप जायसवाल ने कहा, “हमने सभापति से उपद्रवी विपक्षी सदस्यों, खासकर राजद विधायक सुनील सिंह, जिन्होंने दलित नेता अशोक चौधरी के खिलाफ अपशब्द कहे, के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।”

इस बीच, राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राबड़ी देवी के पुत्र तेजस्वी यादव ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री पर निशाना साधा।

दिल्ली से लौटे पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने कहा, “नीतीश कुमार मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं और राज्य पर शासन करने के योग्य नहीं हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया, “हर दूसरे दिन नीतीश कुमार ऐसी हरकतों के कारण सुर्खियों में रहते हैं, जो किसी समझदार व्यक्ति से अपेक्षित नहीं होतीं। यह भी चर्चा है कि उम्र से जुड़ी मानसिक बीमारियों के इलाज के लिए वे विदेश गए थे।”

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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