रोहिणी आचार्य का अपने भाई तेजस्वी पर तंज: हार की समीक्षा दिखावा न करें, बल्कि आत्ममंथन जरूरी है
रोहिणी आचार्य का अपने भाई तेजस्वी पर तंज: हार की समीक्षा दिखावा न करें, बल्कि आत्ममंथन जरूरी है
पटना, 16 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शुक्रवार को अपने भाई और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर शुक्रवार को तंज कसा कि विधानसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा केवल औपचारिकता नहीं है, यह बल्कि आत्ममंथन और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया होनी चाहिए।
रोहिणी आचार्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सिर्फ दिखावा करने से काम नहीं चलेगा। आत्ममंथन करना और जिम्मेदारी लेना जरूरी है।”
उन्होंने यह भी लिखा कि समीक्षा तभी सार्थक होगी जब “अपने इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिन्हित गिद्धों को ठिकाने लगाने का साहस” दिखाया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता सब जानती और समझती है।
दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार को लेकर तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को पार्टी के सांसदों और कोर कमेटी के सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की। यह बैठक उनके लगभग एक माह के विदेश दौरे से लौटने के बाद हुई, जिसमें हार के कारणों और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई।
राजद में यह टकराव नया नहीं है। चुनावी हार के बाद रोहिणी आचार्य ने पहले भी तेजस्वी यादव और उनके करीबी नेताओं पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि पार्टी और परिवार में उनके साथ अन्याय हुआ है तथा कुछ लोग लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
लालू प्रसाद को किडनी देने के बाद चर्चा में आईं रोहिणी लोकसभा चुनाव लालू परिवार की परंपरागत सीट सारण से लड़ी थी और भारतीय जनता पार्टी के राजीव प्रताप रूडी से हार गई थीं। रोहिणी के ताजा बयान से पार्टी के भीतर चल रहे पारिवारिक और संगठनात्मक तनाव एक बार फिर सामने आ गए हैं।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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