बिहार के 629 सरकारी विद्यालयों में स्थापित होंगी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं

Ads

बिहार के 629 सरकारी विद्यालयों में स्थापित होंगी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं

  •  
  • Publish Date - June 15, 2026 / 10:48 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 10:48 PM IST

पटना, 15 जून (भाषा) कृषि क्षेत्र में विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के 629 पीएम श्री एवं राजकीय विद्यालयों में छोटी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करेगी। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को विभागीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।

विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से कक्षा छह, आठ, नौ और 11 के छात्र-छात्राएं मृदा परीक्षण, नमूना संग्रहण तथा मृदा स्वास्थ्य संबंधी व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लेंगे। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल और अनुसंधान की प्रवृत्ति का विकास होगा।

बयान में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना के अंतर्गत संचालित ‘विद्यालय मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम’ के तहत राज्य के 160 पीएम श्री एवं राजकीय विद्यालयों में छोटी मृदा जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को मृदा परीक्षण की वैज्ञानिक प्रक्रिया से जोड़ना तथा कृषि और पर्यावरण के प्रति उनकी समझ विकसित करना है।

सिन्हा ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में प्रयोगशाला की स्थापना के लिए एक लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने प्रत्येक विद्यालय को 50 मिट्टी नमूनों के संग्रहण, परीक्षण तथा किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण का लक्ष्य दिया है। यह पहल विद्यार्थियों, विद्यालयों और किसानों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करेगी तथा संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि के आधुनिकीकरण, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना तथा ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने की पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान करेगी।

उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों और विद्यार्थियों को इनका अधिकतम लाभ मिल सके।

भाषा कैलाश सुरभि

सुरभि

शीर्ष 5 समाचार