पणजी, 15 जून (भाषा) केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कहा कि भारत का लक्ष्य 2030 तक पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता को मौजूदा 56.1 गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट करना है। इसके बाद इसे 2035 तक 155 गीगावाट तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि पवन ऊर्जा उद्योग ने एक मजबूत और विश्वस्तरीय आपूर्ति श्रृंखला परिवेश का निर्माण कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
केंद्रीय मंत्री भारत के पहले पवन टर्बाइन आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन पोर्टल ‘डब्ल्यूटी-मारुत’ (डब्ल्यूटी-मारुत) के उद्घाटन के बाद संबोधित कर रहे थे।
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यासिर अजय
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