नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) दूरसंचार नियामक ट्राई ने सोमवार को कहा कि अप्रैल में दिल्ली-एनसीआर के मेट्रो आवागमन मार्गों पर किए गए स्वतंत्र परीक्षण में मोबाइल नेटवर्क की कवरेज खराब पाई गई।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कहा कि मेट्रो संचालन वाले मार्गों पर परीक्षण के दौरान एकत्र किए गए हजारों नमूनों में नेटवर्क कवरेज एकदम नदारद पाया गया।
नियामक ने बताया कि वॉयस परीक्षण के दौरान स्पेक्ट्रम के स्वतः चयन मोड में सिग्नल की ताकत के आधार पर खराब सिग्नल वाले नमूनों की संख्या एयरटेल के लिए 52,666 में से 1,280, एमटीएनएल के लिए 43,220 में से 20,768, रिलायंस जियो के लिए 52,325 में से 1,297 और वोडाफोन आइडिया के लिए 52,753 में से 1,490 रही।
इनमें से एयरटेल के 1,280 खराब नमूनों में 334 में कोई नेटवर्क कवरेज नहीं था, जबकि एमटीएनएल के 20,768 खराब नमूनों में 3,039 में कवरेज नहीं मिला। रिलायंस जियो के 1,297 नमूनों में से 595 में नेटवर्क अनुपलब्ध रहा।
ट्राई ने नियुक्त की गई एक एजेंसी के जरिये एक से चार अप्रैल और 14 अप्रैल को दिल्ली लाइसेंस सेवा क्षेत्र में करीब 490 किलोमीटर के मेट्रो मार्गों पर परीक्षण किया था।
हालांकि, ट्राई ने पाया कि एमटीएनएल (4जी) को छोड़कर अन्य दूरसंचार कंपनियों की डेटा डाउनलोड गति उनके दावे से अधिक रही।
निजी दूरसंचार कंपनियां 5जी नेटवर्क शुरू कर चुकी हैं, जबकि एमटीएनएल अभी 4जी नेटवर्क पर ही काम कर रही है। एमटीएनएल का नेटवर्क बीएसएनएल द्वारा संचालित किया जा रहा है।
अपलोड गति के मामले में भी सभी कंपनियों का प्रदर्शन उनके घोषित स्तर से बेहतर रहा।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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