लखनऊ, 15 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ में आयोजित ‘डी-3 त्रिवेणी’ दो दिवसीय कार्यशाला में 21 राज्यों से आए इंफ्लुएंसर और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे थे। इस दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश की जीडीपी लगभग 12 लाख करोड़ रुपये थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
उन्होंने कहा कि एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि देश के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, जिसमें युवा, महिलाएं, उद्यमी और निवेशक सभी की भागीदारी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय यह लक्ष्य केवल एक सपना था, लेकिन आज यह वास्तविकता बनता दिख रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि इस अवधि में प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर एक लाख 29 हजार रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों और सकारात्मक वातावरण के कारण यह परिवर्तन संभव हुआ है।
उन्होंने ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्य का निर्यात लगभग दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के अनुरूप यह योजना 2018 में शुरू की गई थी।
किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि कृषि विकास दर आठ प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंची है। साथ ही गन्ने का मूल्य 300 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है और किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि तीन करोड़ से अधिक युवाओं को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र से जोड़ा गया है।
कार्यशाला में मौजूद वक्ताओं ने मीडिया में सकारात्मक खबरों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि नकारात्मकता की बजाय रचनात्मक पत्रकारिता को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
भाषा
आनन्द रवि कांत