पटना, 19 जनवरी (भाषा) बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार को पटना में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की एक छात्रा की हत्या को लेकर विपक्ष और खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयानों पर जोरदार पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतती जबकि लालू-राबड़ी शासनकाल में अपराधियों को खुला संरक्षण मिला करता था।
चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सख्ती से अमल हो रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के साथ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अगर अपराध में संलिप्तता सामने आई है तो उसे न तो राजनीतिक संरक्षण मिला और न ही नजरअंदाज किया गया।
मंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में पार्टी से निष्कासन, निलंबन और कानूनी कार्रवाई तक की मिसालें मौजूद हैं, जो इस सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
मंत्री ने नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या को लेकर कहा कि यह बेहद जघन्य और संवेदनशील मामला है, जिसे सरकार पूरी गंभीरता से ले रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घटना की हर स्तर पर निगरानी की जा रही है और सच्चाई सामने लाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।
अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में जांच प्रक्रिया को समय लगता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा होगा और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
चौधरी ने तेजस्वी यादव के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वह हर छोटी-बड़ी घटना के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हैं लेकिन अपने शासनकाल के अराजक हालात और उस दौर में बिहार से हुए बड़े पैमाने पर पलायन को भूल जाते हैं।
मंत्री के मुताबिक, लालू-राबड़ी शासन के समय राज्य की बदहाली, बेरोजगारी और अपराध की छवि आज भी जनता के जहन में ताजा है।
भाषा कैलाश जितेंद्र
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