पटना, 11 मार्च (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को कहा कि लोगों को रसोई गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयास कर रही हैं।
पश्चिम एशिया संकट के कारण देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़े दबाव के बीच उन्होंने कहा कि ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए बिहार सरकार कार्रवाई कर रही है।
चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, “स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने अधिकारियों को विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार ने घरेलू गैस उत्पादन में 10 प्रतिशत वृद्धि का भी आदेश दिया है।”
केंद्र सरकार ने घरों और परिवहन क्षेत्र में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव करते हुए एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से आपूर्ति होने वाली रसोई गैस को प्राथमिकता दी है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण भारत की गैस आपूर्ति का लगभग 30 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। इस बीच तेल मंत्रालय ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर उपलब्ध गैस को गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से हटाकर प्रमुख उपभोक्ताओं को देने का आदेश दिया है।
चौधरी ने कहा, “लोगों को एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मौजूदा एलपीजी आपूर्ति संकट को ‘विशेष स्थिति’ बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया संकट करीब दो सप्ताह से जारी है। यह एक विशेष स्थिति है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस तरह इस मुद्दे को संभाल रहे हैं वह सराहनीय है।”
सरावगी ने कहा कि बिहार सरकार ने भी जिला अधिकारियों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी न हो और जमाखोरी या कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
उन्होंने बताया कि आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू किया गया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रियों को निर्देश दिया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।”
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि स्थिति “नियंत्रण में” है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर एलपीजी सिलेंडर के उपयोग में “संयम” बरतना चाहिए।
इस बीच पटना, कैमूर, मोतिहारी और दरभंगा सहित कई जिलों में लोग एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर कतार में खड़े दिखाई दिए। वितरकों का कहना है कि आपूर्ति कम होने की अफवाहों के कारण बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं।
दूसरी ओर नवादा जैसे कई जिलों में एलपीजी आपूर्ति में किसी तरह की बाधा की सूचना नहीं है।
‘होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ ईस्टर्न इंडिया’ की सहायक प्रबंधक संघमित्रा मुखर्जी ने कहा कि संगठन ने एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में व्यवधान से भोजनालयों पर पड़ रहे असर को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा, “हमें कुछ समय इंतजार करना होगा। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय को पत्र भेजा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।”
मुखर्जी ने दावा किया कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि और कमी से आतिथ्य क्षेत्र पर बड़ा असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “छोटे-बड़े भोजनालयों, होटलों और रेस्तरां में लगभग सात करोड़ लोग काम करते हैं। समाधान नहीं निकला तो वे प्रभावित होंगे। मंत्रालय से जवाब मिलने के बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे।”
केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ सूत्र ने मंगलवार को बताया कि तेल कंपनियों के अधिकारियों की एक समिति विभिन्न शहरों में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी की शिकायतों की समीक्षा करेगी तथा होटलों एवं रेस्तरां की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारी ने कहा, “आपूर्ति को लेकर कोई संकट नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं की सभी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।”
भाषा कैलाश
राजकुमार
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