नई दिल्लीः Amit Shah In Parliament: लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आधारित चर्चा में बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव के नोटिस में 2026 की जगह 2025 लिखा था। जब विपक्ष के ध्यान में लाया गया तो उन्होंने नोटिस वापस ले लिया। दूसरे नोटिस में सिर्फ गौरव गोगई के रियल साइन थे। सभी विपक्षी सांसदों को जेरोक्स साइन थे। ऐसे में नोटिस खारिज हो सकता है। लेकिन इनमें इतनी गंभीरता नहीं है कि नोटिस नियमों के हिसाब से लाएं। फिर भी स्पीकर के ऑफिस ने विपक्ष को मौका दिया कि गलतियां है। सुधार लो। ये सदन में गंभीरता की बात करती हैं। मोरल ग्राउंड के आधार पर ओम बिरला ने दो-दो बार प्रस्ताव सुधारने का मौका दिया।
Amit Shah In Parliament: गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘लोकसभा स्पीकर का महत्व सदन, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। जब आप उनकी निष्ठा पर सवाल उठाते हैं, तो आप लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल उठाते हैं।आप पीएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाइए, हम नहीं कहेंगे की यह अफसोसजनक है। लेकिन स्पीकर के खिलाफ ऐसा प्रस्ताव आम घटना नहीं है। 94 C के तहत स्पीकर को केवल असाधारण परिस्थिति में हटाया जा सकता है। उन्हें हटाने के लिए इफेक्टिव मेजोरिटी चाहिए। एक तरह से संरक्षण दिया है। पूरी दुनिया को मालूम के 2026 चल रहा है लेकिन प्रस्ताव में 2025 लिखा है। जब विपक्ष के ध्यान में लाया गया तो उन्होंने नोटिस वापस ले लिया। दूसरे नोटिस में सिर्फ गौरव गोगई के रियल साइन थे। सभी विपक्षी सांसदों को जेरोक्स साइन थे।
अमित शाह ने कहा, चर्चा के लिए 10 घंटे तय हुए थे। फिर भी 13 घंटे चर्चा चली। 42 सांसदों ने इसमें हिस्सा लिया। मैं पूरे सदन को बताना चाहता हूं कि स्पीकर की जब नियुक्ति हुई, तब दोनों दलों के नेता ने एक साथ उन्हें आसन पर बैठाया था। इसका मतलब है कि स्पीकर के उनके दायित्वों के निर्वहन के लिए पक्ष और विपक्ष को उनका समर्थन करना है। इस दौरान विपक्ष के सांसद हंगामा करने लगे। अमित शाह ने कहा- आज विपक्ष ने स्पीकर की निष्ठा पर सवाल खड़ा किया है। लोकसभा भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत है। पूरी दुनिया इस लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को स्वीकार करती है। आमतौर पर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं आता है। चैंबर में बात हो सकती है। दिक्कतें दूर की जाती हैं, लेकिन यहां चैंबर में जाकर उनकी सुरक्षा को खतरा पहुंचाते हैं।
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