नई दिल्ली: Weather Update News दो दिन बाद जनवरी का महीना खत्म हो जाएगा। जिसके बाद फरवरी का महीना शुरू हो जाएगा। महीना बदलते ही कई राज्यों के मौसम में बदलाव होने वाला है। तो कई राज्यों में एक बार फिर कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। बात करे बिहार की तो यहां फरवरी का महीना शुरू होते ही मौसम का मिजाज बदलने वाला है।
Weather Update News उत्तर बिहार के जिलों में खासतौर पर हिमालय के तराई वाले जिलों में घना कुहासा लगातार देखने को मिल रहा है। आज भी 15 जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। इस वजह से येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार देर से ठंड आई है तो इसके विलंब से जाने की संभावना है। ऐसे में फरवरी में ठंड का प्रभाव बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो सर्दी के शुरुआती महीनों यानी नवंबर से दिसंबर के बीच जितनी ठंड पड़नी चाहिए थी, उतनी नहीं पड़ सकी। जनवरी के शुरुआती दिनों में ठंड देखने को मिली। लेकिन महीना खत्म होते होते तापमान फिर से सामान्य से ऊपर चला गया है। इस बार बिहार में ठंड की शुरुआत देरी से हुई है। इसी वजह से उम्मीद की जा रही है। इसकी विदाई भी देरी से ही होगी। इसीलिए एक या दो फरवरी से पश्चिम विक्षोभ के एक्टिव होने पर तराई वाले क्षेत्र में बहुत घना कोहरा, जबकि पटना समेत अन्य जिलों में हल्के कोहरे के साथ पछुआ हवा के कारण ठंड में वृद्धि की संभावना है।
फरवरी में बिहार के मौसम में बदलाव होगा, खासकर उत्तर बिहार और हिमालय की तराई वाले जिलों में घना कुहासा और ठंड की स्थिति बनी रहेगी। तापमान में वृद्धि होने के बावजूद ठंड की विदाई में देर हो सकती है।
बिहार में इस बार ठंड देर से क्यों आई है?
इस बार सर्दी के शुरुआती महीनों में नवंबर और दिसंबर के दौरान जितनी ठंड अपेक्षित थी, उतनी नहीं आई। जनवरी में ठंड ने थोड़ी देर से शुरुआत की, जिससे फरवरी में ठंड का असर और बढ़ सकता है।
बिहार में फरवरी में ठंड कब तक रहेगी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फरवरी में ठंड की विदाई में देरी हो सकती है, और पश्चिम विक्षोभ के प्रभाव से तराई क्षेत्रों में बहुत घना कोहरा और अन्य इलाकों में हल्का कोहरा रह सकता है।
येलो अलर्ट का मतलब क्या है?
येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम विभाग ने संभावित खतरों के बारे में चेतावनी दी है, और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, जैसे घने कोहरे की वजह से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।