Atithi Vidwan MP Latest News: अतिथि विद्वानों की नियमितीकरण की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला, सीएम ने मंच से किया ऐलान, खुशखबरी जानकर झूमने लगेंगे कर्मचारी
Atithi Vidwan MP Latest News: अतिथि विद्वानों की नियमितीकरण की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला, सीएम ने मंच से किया ऐलान, खुशखबरी जानकर झूमने लगेंगे कर्मचारी
Atithi Vidwan MP Latest News: अतिथि विद्वानों की नियमितीकरण की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला, सीएम ने मंच से किया ऐलान, खुशखबरी जानकर झूमने लगेंगे कर्मचारी / Image: AI Generated
- अतिथि विद्वानों की मांगों पर विचार के लिए सरकार ने उच्च स्तरीय समिति गठित की
- नियमितीकरण समेत सभी प्रमुख मांगों पर समिति की अनुशंसा
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अतिथि विद्वानों के हित में आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया
भोपाल: Atithi Vidwan MP Latest News मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि हम पूरी वसुधा को अपना कुटुंब समझते हैं। हम सबके कल्याण की कामना करते हैं। सदियों से गुरूकुल शिक्षा पद्धति हमारी पहचान रही है। गुरू-शिष्य परम्परा से हमारी कई पीढ़ियां शिक्षित-दीक्षित, पोषित और पल्लवित हुई हैं। हमारे महाविद्यालय उसी परम्परा के प्रतीक हैं। इनमें शिक्षा देने वाले अतिथि विद्वान युवा पीढ़ी का भविष्य संवारने वाले पावन मंदिर के पुजारी हैं, जो अनेक युवाओं के जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं। अतिथि विद्वानों के परिश्रम का सम्मान करते हुए राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि अतिथि विद्वानों की सभी मांगों पर विचार करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। इस समिति की अनुशंसाएं आना अभी शेष है। समिति की अनुशंसाएं प्राप्त होते ही सरकार उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अतिथि विद्वानों के हित में आवश्यक संभव कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में प्रदेश स्तरीय अतिथि विद्वान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे अतिथि विद्वानों द्वारा इनके हित में कई नवाचारी एवं सम्मानपूर्ण निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनदंन किया गया। अतिथि विद्वानों ने मुख्यमंत्री का अंगवस्त्रम् ओढ़ाकर एवं तुलसी का पौधा भेंटकर स्वागत किया।
अतिथि विद्वानों की मांगों को लेकर समिति का गठन
Atithi Vidwan MP Latest News मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिथि विद्वान हमारे परिवार के सदस्य हैं। इनके कल्याण के लिए हम हमेशा से प्रतिबद्ध हैं। अतिथि विद्वानों के कल्याण के लिए बनी उच्च स्तरीय समिति देश के दूसरे राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करेगी और मध्यप्रदेश में सबसे बेहतर मॉडल वाली व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के हर जिले में एक-एक पीएमश्री एक्सीलेंस कॉलेज खोले हैं। खरगौन, गुना और सागर में नए शासकीय विश्वविद्यालयों की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। बेहतर स्कूल शिक्षा के लिए राज्य में सांदीपनि विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले राज्य के सकल पंजीयन दर और राष्ट्रीय दर में बड़ा अंतर था, परंतु आज प्रदेश का सकल पंजीयन दर (जीईआर) राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर हो गई है। स्कूल शिक्षा में भी मध्यप्रदेश की ड्रॉप आउट दर शून्य पर आ गई है।
नियमितीकरण सहित मांगों पर होगा विचार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति: 2020 लागू है। अब केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि इससे आगे बढ़कर सोचने की आवश्यकता है। वर्तमान दौर में नई संभावनाएं, नवाचार, संवेदनाएं और नैतिक मूल्यों के आधार पर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आगे लेकर जाने की जरूरत है। भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है और इसमें भी मध्यप्रदेश सबसे युवा आबादी वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अतिथि विद्वानों के लिए 13 आकस्मिक और 3 ऐच्छिक अवकाश देने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही महिला अतिथि विद्वानों के लिए प्रसूति अवकाश भी सुनिश्चित किया गया है। अतिथि विद्वानों को उनके घर के पास ही कॉलेज चुनने की सुविधा भी दी गई थी। साथ ही मप्र लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अतिथि विद्वानों के लिए 25 प्रतिशत पद आरक्षित करते हुए इन्हें आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट भी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में 117 और वर्ष 2024 में 48 अतिथि विद्वान सहायक प्राध्यापक के शासकीय नियमित पद पर नियुक्ति प्राप्त कर चुके हैं।
सीएम ने की मजदूर संघ की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिथि विद्वानों के हित में अग्रणी भारतीय मजदूर संघ की सराहना करते हुए कहा कि इस संघ ने हमेशा सच्चाई और अच्छाई के लिए अपनी महती भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कई प्रकार की चुनौतियों के बीच पारदर्शी और संवदेनशील सोच से निरंतर आगे बढ़ रही है। हम मध्यप्रदेश के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध हैं। सभी क्षेत्रों में हर वर्ग के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। सरकार का काम तमाम बाधाओं को दूर करते हुए असरदार तरीके से होना चाहिए। हमारी सरकार ने शासकीय कामकाज को और भी जनहितैषी एवं असरकारी बनाया है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ ने ‘देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम’ के राष्ट्रहितैषी नारे के साथ सदैव मजदूर वर्ग की आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अतिथि विद्वानों के हित में 5 बड़े निर्णय लेकर इनके हितों की रक्षा की गई है। सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अतिथि विद्वानों को 25 प्रतिशत पदों पर आरक्षण हम दे रहे हैं। अतिथि विद्वानों को वर्ष में एक बार स्थान परिवर्तन करने और फॉल-आउट होने की स्थिति में प्रत्येक माह दो अवसर देकर दोबारा काम पर रखने की व्यवस्था की गई है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
अतिथि विद्वान सम्मेलन को कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी संबोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योग-व्यापार को प्राथमिकता देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं। राज्य सरकार ने अतिथि विद्वानों के हित में इनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश इस वर्ष नक्सलवाद जैसी समस्या से मुक्त हो गया है। अब हमारी लड़ाई समाज में व्याप्त हर प्रकार की नशाखोरी से है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशामुक्त मध्यप्रदेश बनाने के लिए नया संकल्प लिया है। नशे से लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने वर्ष 2029 तक नशामुक्त भारत का संकल्प लिया है। इसमें मध्यप्रदेश भी अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिथि विद्वानों सहित सभी युवाओं से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए हम सब कदम से कदम मिलाकर काम करें।
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