Vande Bharat: विवादों का ‘बकरा’.. चढ़ा सियासी पारा! लखनऊ से मुबई तक ‘कुर्बानी’ पर लड़ाई! जानिए आखिर क्यों बन रही तनातनी की स्थिति

विवादों का 'बकरा'.. चढ़ा सियासी पारा! लखनऊ से मुबई तक 'कुर्बानी' पर लड़ाई! Controversy over sacrifice on Bakrid

Modified Date: May 27, 2026 / 12:03 am IST
Published Date: May 27, 2026 12:03 am IST

नई दिल्लीः बकरीद पर कुर्बानी को लेकर लखनऊ से लेकर मुंबई तक कुर्बानी का शोर है। खास तौर पर मुंबई के ठाणे में बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विवाद की शुरुआत हुई हाउसिंग सोसायटी में कुर्बानी के लिए बने शेड से फिर सोसायटी में सुअर लाने पर और भड़क गया। सिर्फ मुंबई ही नहीं, उत्तर प्रदेश मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बकरीद में नमाज, कुर्बानी को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी चल रही है।

महाराष्ट्र की मीरा रोड में उस वक्त भारी बवाल और हंगामा हुआ। जब हिंदू संगठन के कुछ लोग अचानक एक सूअर लेकर पहुंच गए और वहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और सुअर को अपने कब्जे में ले लिया। जाहिर है बकरीद में कुर्बानी को लेकर मुंबई में काफी सियासी तनातनी है। बकरीद के मौके पर पहले कुर्बान के लिए एक हाउसिंग सोसाइटी में बकरे के लिए शेड बनाया गया था। हिंदू पक्ष की शिकायत के बाद शेड को नगर निगम ने हटा दिया था, लेकिन हटाए जाने के बाद दोबारा मुस्लिम समाज शेड बांधा, जिसका हिंदू पक्ष ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि बात मारपीट और हाथापाई तक पहुंच गई। अब एक पक्ष सोसाइटी में सुअर लेकर आ गया जिससे काफी हंगामा हुआ। फिलहाल या तनाव की स्थिति बनी हुई है। बकरीद पर कुर्बानी को लेकर हंगामे और विवाद के बीच सियासी फसाद बढ़ता ही जा रहा है।

दूसरी तरफ लखनऊ के कसमंडी क्षेत्र में किला-मस्जिद को लेकर हो रहे विवाद के बाद प्रशासन ने बकरीद पर विवादित स्थल पर नमाज अदा करने पर रोक लगा दी है। पासी समाज इसे राजा कंस का ऐतिहासिक किला बता रहा है और संरक्षण की मांग कर रहा है। तो मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद बता रहा है, जिसे लेकर दोनों पक्षों में मतभेद भड़ते जा रहे थे। ऐसे में प्रशासन ने बकरीद पर संभावित तनाव को रोकने के लिए नमाज अदा करने पर रोक लगा दी है। वैसे ये सिर्फ मुंबई और लखनऊ में ही नहीं पूरे देश में बकरीद में कुर्बानी पर लड़ाई छिड़ी है। कहीं सर्कुलर जारी कर कुर्बानी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की बात हो रही तो कहीं हिंदू संगठन ईको फ्रेंडली कुर्बानी देने की मांग कर रहे हैं। यानी दो दिन बाद बकरीद है। उससे पहले हिंदू बनाम मुस्लिम वाली जंग तेज हो चली है।

ये भी पढ़ें


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।