LPG Cylinder Supply Crisis India: रेस्टोरेंट-होटलों में LPG की कमी से बढ़ी चिंता.. मोदी सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, जानें कैसे दूर होगा ईंधन का संकट..

LPG Cylinder Supply Crisis India: कमर्शियल एलपीजी सप्लाई समस्या पर सरकार सख्त, तीन सदस्यीय कमेटी गठित, उत्पादन बढ़ाने और गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश।

LPG Cylinder Supply Crisis India: रेस्टोरेंट-होटलों में LPG की कमी से बढ़ी चिंता.. मोदी सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, जानें कैसे दूर होगा ईंधन का संकट..

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Modified Date: March 10, 2026 / 05:21 pm IST
Published Date: March 10, 2026 5:21 pm IST
HIGHLIGHTS
  • कमर्शियल LPG सप्लाई पर सरकार की सख्ती
  • IOC, HPCL, BPCL की तीन सदस्यीय कमेटी
  • घरेलू गैस उत्पादन में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी

LPG Cylinder Supply Crisis India: नई दिल्ली: सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को लेकर रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक़ ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अब अलग-अलग रेस्टोरेंट एसोसिएशन से बातचीत करेंगी, ताकि एलपीजी सप्लाई से जुड़ी उनकी समस्याओं को समझा जा सके। इसके लिए सरकार ने इंडियन ऑयल (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो कमर्शियल LPG की असली जरूरत का आकलन कर सप्लाई को उसी हिसाब से प्राथमिकता देगी।

जल्द नए कंसाइनमेंट आने की उम्मीद

सरकार के अनुसार सप्लाई को री-प्रायोरिटाइज करने के कारण पिछले कुछ दिनों में घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एलपीजी और एलएनजी के कंसाइनमेंट अलग-अलग स्रोतों से आ रहे हैं और जल्द ही नए कंसाइनमेंट आने की भी उम्मीद है। इससे देश में गैस की उपलब्धता और बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है।

रिफाइंड तेल के निर्यात पर रोक नहीं

सूत्रों के मुताबिक़ सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात के बावजूद देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। भारतीय रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जैसा कि वे ईरान-इज़राइल संघर्ष से पहले कर रही थीं। भारत अपनी करीब 70 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के अलावा दूसरे स्रोतों से भी कर रहा है। सरकार ने साफ किया है कि रिफाइंड तेल के निर्यात पर रोक लगाने का फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है।

केंद्र सरकार ने लागू किया एस्मा कानून

LPG Cylinder Supply Crisis India: गौरतलब है कि,पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी कर रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन को एलपीजी पूल में भेजने का निर्देश दिया है।

सरकार ने कहा है कि घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस, परिवहन के लिए सीएनजी, एलपीजी उत्पादन और गैस पाइपलाइन के संचालन से जुड़ी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन क्षेत्रों को उनकी पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के आधार पर 100 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा उर्वरक संयंत्रों को उनकी पिछले छह महीनों की औसत खपत का लगभग 70 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जुड़े चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को औसतन 80 प्रतिशत गैस आपूर्ति बनाए रखने के लिए कहा गया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त गैस को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतर भी तय किया गया है।

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क्या होता है ESMA कानून?

LPG Cylinder Supply Crisis India: आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) एक विशेष कानून है, जिसे सरकार आवश्यक सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने के लिए लागू करती है। जब किसी जरूरी सेवा में हड़ताल या काम बंद होने से आम जनता को परेशानी होने की आशंका होती है, तब सरकार ESMA लागू कर सकती है।

एस्मा कानून के तहत सरकार को आवश्यक सेवाओं में हड़ताल पर रोक लगाने की शक्ति मिलती है। सरकार किसी भी सेवा को “आवश्यक सेवा” घोषित कर सकती है और इसके लागू होने के बाद कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते। कानून का उल्लंघन करने पर गिरफ्तारी या जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

यह कानून आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाएं (अस्पताल, एंबुलेंस), परिवहन सेवाएं, बिजली और पानी की आपूर्ति, गैस आपूर्ति जैसे LPG और CNG तथा डाक और संचार सेवाओं पर लागू किया जाता है, ताकि आम जनता को जरूरी सुविधाएं लगातार मिलती रहें। अगर ESMA लागू होने के बाद भी कर्मचारी हड़ताल करते हैं, या आवश्यक सेवाओं में बढ़ा पैदा करते है तो उन्हें जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। आसान शब्दों में एस्मा ऐसा कानून है जिससे सरकार जरूरी सेवाओं को बंद होने से रोकती है, ताकि आम जनता को परेशानी न हो

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