LPG Supply Crisis India: ‘मोदी सरकार ने सिलेंडर के स्टॉक पर बोला झूठ’.. ईंधन सप्लाई संकट पर घिरी केंद्र.. विपक्षी दल हमलावर, सुनें आप भी

LPG Supply Crisis India: मिडिल ईस्ट युद्ध से एलपीजी सप्लाई संकट, केंद्र ने ESMA लागू किया, विपक्ष ने मोदी सरकार पर बोला हमला।

LPG Supply Crisis India: ‘मोदी सरकार ने सिलेंडर के स्टॉक पर बोला झूठ’.. ईंधन सप्लाई संकट पर घिरी केंद्र.. विपक्षी दल हमलावर, सुनें आप भी

LPG Supply Crisis India || Image- Symbolic (Canva)

Modified Date: March 10, 2026 / 12:53 pm IST
Published Date: March 10, 2026 12:30 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मिडिल ईस्ट युद्ध से एलपीजी संकट
  • गैस सप्लाई बनाए रखने को ESMA लागू
  • विपक्ष ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

LPG Supply Crisis India: नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से दुनियाभर में ईंधन सप्लाई का संकट पैदा हो गया है। इसका असर भारत जैसे बड़े देशों में भी देखने को मिल रहा है। आम लोगों तक एलपीजी की निर्बाध सप्लाई और जमाखोरी को रोकने के मकसद से केंद्र सरकार ने देश भर में एस्मा (ESMA) कानून भी लागू कर दिया है। दूसरी तरफ इस संकट के बीच सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्षी दल मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है। नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है।

‘मोदी सरकार ने बोला झूठ’ : शिवसेना

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “हमें झूठ बोला गया था कि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है। आज की स्थिति दिखाती है कि यह सरकार भगवान की कृपा से चल रही है। ये सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं जबकि आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक हफ्ते के अंदर ही आपने पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दीं, जबकि आपने कहा था कि हम नागरिकों पर बोझ नहीं डालेंगे, लेकिन सबसे पहले आपने वही किया।

#WATCH | Delhi | On reports of commercial cylinders, Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi says,” We were lied to that we have sufficient stock reserves. The situation today shows that this government is running on God’s grace. They just talk big while the common people are the… pic.twitter.com/MCsu1c5jzX

— ANI (@ANI) March 10, 2026

LPG Supply Crisis India: कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, “यह मध्य पूर्व में चल रहे संकट का स्वाभाविक परिणाम है। अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए अकारण हमले ने इसे उकसाया है। हमें अन्य आपूर्ति श्रृंखलाएं भी विकसित करनी चाहिए। इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती थी। आगे चलकर हमें कई आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करनी होंगी… ट्रंप क्या कर सकते हैं, इसका कौन अनुमान लगा सकता है? अमेरिका में कोई नियंत्रण और संतुलन नहीं है, और दुनिया में कोई प्रतिसंतुलन नहीं है।”

#WATCH | Delhi | On reports of commercial LPG shortage, Congress MP Karti Chidambaram says,” It is a natural fallout of the crisis in the Middle East. It is the unprovoked attack by the US on Iran which has provoked this. We should also develop other supply chains. This is not… pic.twitter.com/7w5gPEt6i3

— ANI (@ANI) March 10, 2026

केंद्र सरकार ने लागू किया एस्मा कानून

गौरतलब है कि,पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी कर रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन को एलपीजी पूल में भेजने का निर्देश दिया है।

क्या है सरकार के बड़े फैसले?

LPG Supply Crisis India: सरकार ने कहा है कि घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस, परिवहन के लिए सीएनजी, एलपीजी उत्पादन और गैस पाइपलाइन के संचालन से जुड़ी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन क्षेत्रों को उनकी पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के आधार पर 100 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा उर्वरक संयंत्रों को उनकी पिछले छह महीनों की औसत खपत का लगभग 70 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जुड़े चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को औसतन 80 प्रतिशत गैस आपूर्ति बनाए रखने के लिए कहा गया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त गैस को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतर भी तय किया गया है।

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क्या होता है ESMA कानून?

LPG Supply Crisis India: आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) एक विशेष कानून है, जिसे सरकार आवश्यक सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने के लिए लागू करती है। जब किसी जरूरी सेवा में हड़ताल या काम बंद होने से आम जनता को परेशानी होने की आशंका होती है, तब सरकार ESMA लागू कर सकती है।

एस्मा कानून के तहत सरकार को आवश्यक सेवाओं में हड़ताल पर रोक लगाने की शक्ति मिलती है। सरकार किसी भी सेवा को “आवश्यक सेवा” घोषित कर सकती है और इसके लागू होने के बाद कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते। कानून का उल्लंघन करने पर गिरफ्तारी या जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

यह कानून आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाएं (अस्पताल, एंबुलेंस), परिवहन सेवाएं, बिजली और पानी की आपूर्ति, गैस आपूर्ति जैसे LPG और CNG तथा डाक और संचार सेवाओं पर लागू किया जाता है, ताकि आम जनता को जरूरी सुविधाएं लगातार मिलती रहें। अगर ESMA लागू होने के बाद भी कर्मचारी हड़ताल करते हैं, या आवश्यक सेवाओं में बढ़ा पैदा करते है तो उन्हें जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। आसान शब्दों में एस्मा ऐसा कानून है जिससे सरकार जरूरी सेवाओं को बंद होने से रोकती है, ताकि आम जनता को परेशानी न हो

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