कांकेर। Kanker News: जिले में नक्सल डंप से बरामद नगदी रकम को शासन के खाते में जमा करने के बजाय कथित तौर पर गबन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप कांकेर में पदस्थ रहे दो डीएसपी पर लगा है। दोनों अधिकारियों पर नक्सल डंप की बरामदगी के दौरान मिले कुल 20 लाख रुपये वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए बिना अपने पास रखने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
Kanker News: जानकारी के मुताबिक, नक्सल गतिविधियों में कमी आने और बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने आत्मसमर्पित नक्सलियों की निशानदेही पर जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और नगदी बरामद करने के लिए विशेष अभियान चलाया था। इसी दौरान टोंडामरका और मरकाकोनारी के जंगलों में नक्सल डंप की बरामदगी की कार्रवाई की गई थी। आरोप है कि टोंडामरका के जंगल से बरामद डंप में 15 लाख रुपये और मरकाकोनारी से मिले डंप में 5 लाख रुपये नगद मिले थे। सर्चिंग अभियान का नेतृत्व कर रहे दोनों डीएसपी ने कथित तौर पर नगदी बरामद होने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी। आरोप है कि दोनों ने रकम अपने पास रख ली और डंप में बरामद अन्य सामान को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कर दिया।
बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले पुलिस महकमे में इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी मामले की शिकायत पहुंची। हालांकि शिकायत किस व्यक्ति ने की, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामला गंभीर होने के बाद विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान सर्चिंग अभियान में शामिल पुलिस जवानों के साथ ही उन आत्मसमर्पित नक्सलियों से भी पूछताछ किए जाने की जानकारी है, जिनकी निशानदेही पर डंप बरामद किए गए थे। पुलिस बरामदगी की पूरी कार्रवाई और उस दौरान मौजूद अधिकारियों एवं जवानों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने मामले की शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई उच्च स्तर पर की जाएगी। फिलहाल दोनों डीएसपी पर लगे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। पुलिस विभाग की जांच में बरामदगी के दौरान नगदी रकम के संबंध में वास्तविक स्थिति और आरोपों की सच्चाई स्पष्ट होने की उम्मीद है।