Neeru Asian Games 2026 Gold Medal: उधार की बंदूक से शुरू हुआ सफर, तालाब किनारे साधा निशाना.. जानें देश की बेटी नीरू ने कैसे एशियाई खेलों में रचा इतिहास..

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हरियाणा के जींद जिले की किसान परिवार से आने वाली नीरू धांडा ने एशियाई खेलों 2026 में महिला ट्रैप स्पर्धा का व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 28/30 के स्कोर के साथ उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। उनका सफर उधार की बंदूक और भोपाल में अस्थायी निशानों से अभ्यास शुरू करने से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वर्ण जीतने तक पहुंचा।

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 05:10 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 05:18 PM IST

Neeru Asian Games 2026 Gold Medal || Image- Conversation contentkikamii file

HIGHLIGHTS
  • उधार की बंदूक से शुरू हुआ निशानेबाजी सफर
  • नीरू ने महिला ट्रैप में जीता ऐतिहासिक गोल्ड
  • 28/30 स्कोर से बनाया एशियाई रिकॉर्ड

Neeru Asian Games 2026 Gold Medal: नागोया: हरियाणा के जींद जिले के एक किसान परिवार की बेटी नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजी में नया इतिहास रच दिया है। 26 वर्षीय नीरू ने मंगलवार को महिला ट्रैप स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही वह एशियाई खेलों में व्यक्तिगत शॉटगन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं।

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नीरू का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। करीब सात साल पहले उन्होंने रिश्ते के भाई लक्ष्य श्योराण के पिता की भारतीय निर्मित बंदूक से निशानेबाजी की शुरुआत की थी। उस समय उनके पास इस खेल का केवल छह महीने का अनुभव था।

तालाब किनारे टिन के डिब्बे पर साधा निशाना

Neeru Asian Games 2026 Gold Medal: 2019 में नीरू भोपाल पहुंचीं। यहां मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी ने उन्हें मुफ्त बंदूक और कारतूस उपलब्ध कराए। इससे उन्हें उस खेल में आगे बढ़ने का मौका मिला, जिसे आर्थिक स्थिति के कारण जारी रखना उनके परिवार के लिए आसान नहीं था।

निशानेबाजी की शुरुआती ट्रेनिंग के दौरान नीरू भोपाल के एक तालाब के पास टिन के डिब्बे को अस्थायी निशाना बनाकर अभ्यास करती थीं। उन्हें इस खेल में आगे बढ़ने की प्रेरणा रिश्ते के भाई लक्ष्य श्योराण से मिली थी, जिन्होंने 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था।

बीमारी के बावजूद नहीं छोड़ा लक्ष्य

एशियाई खेलों से करीब 10 दिन पहले नीरू गंभीर रूप से बीमार पड़ गई थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और वह पूरे प्रशिक्षण शिविर में अभ्यास नहीं कर सकीं। उन्होंने बताया कि पांच दिन तक उन्होंने कुछ नहीं खाया और केवल पानी पीती रहीं।

इस मुश्किल समय में उनके कोच मनशेर सिंह लगातार उनके संपर्क में रहे। कोच ने उन्हें भरोसा दिलाया कि कुछ दिन अभ्यास नहीं कर पाने से उनका लक्ष्य प्रभावित नहीं होगा। नागोया में बारिश और गिरते तापमान ने भी नीरू के सामने चुनौती रखी। हालांकि अभ्यास के दौरान ध्यान भटकाने वाली परिस्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग ने उन्हें मुकाबले में फोकस बनाए रखने में मदद की।

सैनिकों को समर्पित किया पदक

Neeru Asian Games 2026 Gold Medal: नीरू भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐतिहासिक स्वर्ण जीतने के बाद उन्होंने अपना पदक देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हैं और यह पदक उन्हीं को समर्पित है।

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नीरू ने यह स्वर्ण 1978 एशियाई खेलों के चैंपियन राजा रणजीत सिंह को भी समर्पित किया, जिनका इसी वर्ष निधन हुआ। उनकी यह उपलब्धि भारतीय महिला शॉटगन निशानेबाजी के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव मानी जा रही है।

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Q1. नीरू धांडा ने एशियाई खेलों में कौन सा पदक जीता?

Ans: नीरू धांडा ने महिला ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।

Q2. नीरू धांडा ने फाइनल में कितना स्कोर किया?

Ans: उन्होंने फाइनल में 30 में से 28 निशाने लगाकर एशियाई रिकॉर्ड बनाया।

Q3. नीरू धांडा ने निशानेबाजी की शुरुआत कैसे की?

Ans: उन्होंने रिश्ते के भाई के परिवार की बंदूक से अभ्यास शुरू किया और बाद में भोपाल अकादमी पहुंचीं।