Sonia Gandhi Voter List Dispute: बढ़ सकती है पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुश्किलें, अदालत ने इस मामले में रद्द किया मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश

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Sonia Gandhi Voter List Dispute: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और दिग्गज नेत्री सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती है।

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 05:26 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 05:45 PM IST

Sonia Gandhi Voter List Dispute/Image Credit: File

HIGHLIGHTS
  • पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती है।
  • राऊज एवेन्यू के स्पेशल कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है।
  • भारतीय नागरिकता हासिल करने से तीन साल पहले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से जुड़ा है मामला।

Sonia Gandhi Voter List Dispute: नई दिल्ली: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती है। सोनिया गांधी की भारतीय नागरिकता हासिल करने से तीन साल पहले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से जुड़े मामले में मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि, राऊज एवेन्यू के स्पेशल कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें कांग्रेस नेता का नाम 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल करने से तीन साल पहले मतदाता सूची में शामिल होने के आरोप की जांच करने से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट की तरफ से इस मामले में नए सिरे से सुनवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वहीं, इस मामले में स्पेशल कोर्ट ने फैसले में मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से शिकायत के निपटारे की कड़ी आलोचना की है। स्पेशल जज के अनुसार, मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश में साफ तौर पर ‘विवेचना का अभाव’ दिखाई दिया, जिसके चलते कोर्ट ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के निर्देश के साथ वापस भेज दिया।

कानून की साफ गलती है: जज

जज ने कहा कि BNS की धारा 175(3) का पालन न करने, संबंधित पुलिस अधिकारी की दलीलें न सुनने और संबंधित पुलिस स्टेशन से स्थिति रिपोर्ट न मंगवाने के चलते विवादित आदेश में कानून की साफ गलती है। उन्होंने कहा कि आदेश का तर्कहीन स्वरूप साफ है, क्योंकि मजिस्ट्रेट ने कानून के तहत उपलब्ध दो विकल्पों पर विचार नहीं किया। (Sonia Gandhi Voter List Dispute)

जज ने कहा मजिस्ट्रेट को यह देखना चाहिए था कि कोई गंभीर अपराध हुआ है या नहीं, लेकिन उन्होंने उस बात पर ध्यान देने के बजाय व्यक्ति की नागरिकता के मुद्दे पर रुख किया। न्यायालय ने मामले को मजिस्ट्रेट के पास वापस भेज दिया है, ताकि वे नए सिरे से दलीलें सुनने के बाद तर्कसंगत आदेश पारित कर सकें।

याचिका में क्या है आरोप?

Sonia Gandhi Voter List Dispute: सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका में कहा गया है कि उन्होंने ने 30 अप्रैल 1983 में नागरिकता हासिल की थी, जबकि उनका नाम 1980 की वोटर लिस्ट में शामिल था। याचिका में सवाल उठाया गया था कि 1980 की नई दिल्ली की वोटर लिस्ट मे नाम कैसे शामिल था।

अगली सुनवाई होगी 29 सितंबर को

याचिका में आरोप लगाया गया है कि 1982 मे सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से आखिर क्यों डिलीट किया गया। याचिका में सवाल उठाया गया था कि जब 1983 में नागरिकता हासिल की तो किन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर 1980 में वोटर लिस्ट मे नाम शामिल कराया गया क्या फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। कोर्ट ने मामले को मजिस्ट्रेट के पास वापस भेज दिया ताकि वे नए सिरे से दलीलें सुनने के बाद तर्कसंगत आदेश पारित कर सकें। मामले की आगे की सुनवाई 29 सितंबर को होगी। (Sonia Gandhi Voter List Dispute)

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