Diwali Rangoli: आखिर क्यों बनाई जाती है दिवाली पर रंगोली..? जानिए परंपरा और महत्व

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Importance of making Rangoli in Diwali: हम सब दीपावली को रोशनी के त्योहार के रूप में जानते हैं, लेकिन दीपावली पर रंगोली बनाना भी उतना ही शुभ माना जाता है जितना दीपक जलाना। मान्यताओं के अनुसार, दीपावली के दिन माता लक्ष्मी हर घर जातीं हैं, इसलिए घर के मुख्य द्वार को आकर्षक और सुन्दर बनाने के लिए लोग अपने घरों में रंगोली बनाते है।

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  • Publish Date - October 20, 2022 / 10:56 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 04:00 PM IST

Diwali 2022: What is the significance behind why Rangoli is made in Diwali

Importance of making Rangoli in Diwali: वैसे तो दीपावली का त्योहार पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जाता है, इस दिन भगवान गणेश, कुबेर और धन की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। इस दिन लोग अपने घरों में आकर्षक साज-सज्जा करते हैै। पुराने समय में जब बिजली हर घर में नहीं पहुंच पाती थी तब लोग अपने घरों को सजाने के लिए अलग-अलग रंगों से घर के आंगन में रंगोली बनाते थे। आज भी शहरों में कई लोग अपने घरों को रंगोली बनाकर सजाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रंगोली बनाने की परंपरा की शुरुआत कब और कैसे हुई..?

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इस परंपरा की वजह से बनाई जाती है रंगोली

Importance of making Rangoli in Diwali: प्राचीन मान्यताओं के मुताबिक, भगवान राम के लंका विजय के बाद, जब वे माता सीता के साथ 14 वर्षों का वनवास काट कर अयोध्या लौटे तब अयोध्या वासियों ने भगवान राम के स्वागत में पूरे अयोध्या में साफ-सफाई करके हर घर के आंगन में और अयोध्या के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाई थी। सभी जगह डीप जलाकर सुसज्जित किया था, मान्यताओं के अनुसार तब से ही प्रत्येक वर्ष दीपावली पर घरों में रंगोली बनाने की परंपरा शुरू हुई।

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Importance of making Rangoli in Diwali: भारतीय पुरातत्व विभाग के अनुसार भारत में रंगोली बनने के प्रथम साक्ष्य मोहन जोदड़ो और हड़प्पा सभ्यताओं में मिले है। पुरातत्व विभाग के अनुसार इन दोनों सभ्यताओं में अल्पना के चिन्ह मिले है। जो रंगोली से काफी मिलते जुलते जान पड़ते हैं। मान्यता के मुताबिक अल्पना, वात्स्यायन के काम सूत्र में वर्णित चौसठ कलाओं में से एक है।

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