Sagar Jahrili Sharab Death Case Update/Image Credit: File
Sagar Jahrili Sharab Death Case Update: भोपाल: सागर जिले के बंडा में ये सिर्फ मातम नहीं है, बल्कि उन परिवारों की चीख है, जिनके अपनों को जहरीली शराब ने हमेशा के लिए उनसे छीन लिया। दो दिन में करीब 1 दर्जन लोग दुनिया छोड़ चुके हैं तो करीब 40 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर है। बंडा के ग्राम बमूरा में जब एक साथ चार शव पहुंचे, तो पूरा गांव गम में डूब गया।
किसी की उम्र महज 30 साल थी, तो कोई 50 साल का था। किसी के पीछे छोटे-छोटे बच्चे रह गए, तो किसी परिवार ने अपना कमाने वाला खो दिया। लेकिन इन मौतों के साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बमूरा में लंबे समय से अवैध शराब बिक रही थी। कई बार शिकायतें भी की गईं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
Sagar Jahrili Sharab Death Case Update: बमूरा अकेला गांव नहीं है, बल्कि बंडा के नौराज, बराज, घूघरा खुर्द और दूसरे गांवों में भी शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी। अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों की हालत इतनी गंभीर बताई जा रही है कि उनके शरीर तक नीले पड़ गए है।
प्रशासन और पुलिस की टीमें अब शराब के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं। जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने की बात सामने आई है।पुलिस करीब 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं मामले में सागर के सहायक आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी और बंडा के आबकारी उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। (Sagar Jahrili Sharab Death Case Update)
शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कुछ मामलों में मिथाइल अल्कोहल की बात भी सामने आई है। हालांकि मौतों की असली वजह और जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पूरे मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Sagar Jahrili Sharab Death Case Update: सागर में हुई इन मौतों पर सियासत भी गरमा चुकी है। बंडा के बरा चौराहे पर कांग्रेसियों ने चक्काजाम किया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अवैध शराब का कारोबार आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है, जिस पर सत्ता पक्ष ने भी पलटवार किया।
सागर में शराब कांड अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया है कि जब गांव में शराब की अधिकृत दुकान ही नहीं थी, तो शराब कौन पहुंचा रहा था। अगर अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से चल रहा था तो शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर शराब की सप्लाई दूसरे राज्य से हो रही थी, तो इतने बड़े नेटवर्क की भनक जिम्मेदार विभागों को क्यों नहीं लगी? (Sagar Jahrili Sharab Death Case Update)
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