Girdhari Lal Sahu Controversy | Photo Credit: IBC24 Customize
नई दिल्ली: Girdhari Lal Sahu Controversy उत्तराखंड में दिए एक बयान ने बिहार के साथ साथ पूरे देश को हिला कर रख दिया। क्योंकि ये बयान बेहद बेतुका था। उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ। जिसमें वे बिहार की महिलाओं को 20-25 हजार रुपये में “मिलने” की बात कहते नजर आए। बयान ने बिहार की सभी सियासी पार्टियों को एक साथ ला दिया। आखिर क्या है ये पूरी घटना इस रिपोर्ट से समझेंगे।
Girdhari Lal Sahu Controversy उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू का ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो महिलाओं की गरिमा पर सीधा हमला है। अल्मोड़ा के सोमेश्वर में एक कार्यक्रम में साहू ने कहा, “लड़की बिहार से ले आएंगे! बिहार में ₹20-25 हजार में ही मिल जाती है” ये बयान न सिर्फ महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करता है। बल्कि आधी आबादी की अस्मिता पर चोट करता है। जहां एक तरफ उत्तराखंड अंकिता भंडारी हत्याकांड के खिलाफ न्याय की मांग कर रहा है, तो वहीं सत्ता के करीब ऐसे लोग महिलाओं को लेकर ऐसी घृणित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ये बयान महिलाओं के प्रति उस पुरानी रूढ़िवादी सोच को उजागर करता है, जहां उन्हें खरीद-फरोख्त की चीज समझा जाता है। बिहार में सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं, इसे बिहारी अस्मिता का अपमान बता रहे हैं।
बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले में संज्ञान लिया। अध्यक्ष अप्सरा ने सीएम धामी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। विवाद बढ़ने पर साहू ने माफी मांगी, लेकिन सवाल ये है कि क्या माफी काफी है?
ये घटना हमें याद दिलाती है कि महिलाओं का सम्मान राजनीति से ऊपर है। गिरधारी लाल के बयान को लेकर सभी सियासी दल एक नजर आ रहे हैं और जमकर बवाल भी हो रहा है, लेकिन ये सियासत से इतर एक ऐसी घटना है, जो शर्मसार करती है न सिर्फ राजनीति के स्तर को बल्कि उस समाज को भी जिसमें महिलाओं को पूजने की परंपरा है। आखिर सियासत दानों की बदजुबानी कब तक? क्या उत्तराखंड सरकार गिरधारी लाल पर कोई एक्शन लेगी, क्या इस बयान पर सिर्फ माफी काफी है?