Vishnu Ke Sushasan: महतारियों के स्वाभिमान और स्वावलंबन का ‘संकल्प’.. बजट के इन प्रावधानों से खिले महतारियों के चेहरे, CM विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद..
Key Announcements for womens: छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में महिलाओं के लिए रानी दुर्गावती योजना, संपत्ति छूट और महतारी सदन की घोषणा।
Key Announcements for womens || Image- IBC24 News File
- 1.72 लाख करोड़ का संकल्प बजट
- महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
- संपत्ति पंजीकरण में 50% छूट
रायपुर: छत्तीसगढ़ की संवेदनशील विष्णुदेव साय की सरकार ने विधानसभा में बजट 2026-27 पेश किया है। (Key Announcements for womens) वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने ₹1.72 लाख करोड़ का ‘संकल्प बजट’ प्रस्तुत किया है। सरकार के अनुसार यह बजट प्रदेश की महिलाओं, युवाओं, छात्रों, किसानों और सर्ववर्ग को समर्पित है।
साय सरकार ने अपने मंशानुरूप इस बजट के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने, सभी क्षेत्र में उनकी सहभागिता बढ़ाने, उन्हें स्वावलम्बी बनाने और उन्हें रोगारोन्मुखी योजनाओं का लाभ दिलाना है। यही वजह है कि, इस भारी-भरकम बजट में सरकार ने महिलाओं के लिए कई बड़े घोषणाओं को शामिल किया है। सरकार का दावा है कि, इस योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों का सीधा फायदा राज्य के युवा-उधमी महिलाओं, गृहणी, छात्राओं और बुजुर्ग महिलाओं को मिलेगा।
छत्तीसगढ़ के बजट में प्रदेश की महिलाओं के लिए क्या है बड़े फैसले?
01. रानी दुर्गावती योजना
छत्तीसगढ़ के बजट में महिलाओं के लिए किए गए बड़े ऐलान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे महिलाओं को शिक्षा, स्वामित्व, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से आगे बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। ये घोषणाएं प्रदेश में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में कई स्तरों पर मदद कर सकती हैं।
सबसे पहले, रानी दुर्गावती योजना जैसी पहल, जिसमें 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर बालिकाओं को 1.5 लाख रुपये देने का प्रावधान है, लड़कियों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास या स्वरोजगार की दिशा में मजबूत आधार दे सकती है। इससे बाल विवाह की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी और परिवारों में बेटियों को बोझ नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखने की सोच विकसित होगी।
02. संपत्ति के पंजीकरण शुल्क में महिलाओं को 50% की छूट
दूसरा, संपत्ति के पंजीकरण शुल्क में 50% की छूट महिलाओं को संपत्ति का मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करेगी। जब घर या जमीन महिला के नाम पर होगी, तो उनकी आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी, बैंक से ऋण लेने में सुविधा होगी और परिवार में उनका निर्णयात्मक अधिकार मजबूत होगा। यह कदम दीर्घकाल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।
03. महतारी सदन और ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा
छत्तीसगढ़ के दो सबसे बड़े शहरों रायपुर और बिलासपुर में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित एवं सस्ते आवास की बड़ी जरूरत जल्द पूरी होगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना (Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2024-25) के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर और नया रायपुर में छह कामकाजी महिला छात्रावासों (Working Women’s Hostel) के लिए 202 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से रायपुर नगर निगम द्वारा तेलीबांधा और टाटीबंध में 250-250 सीटर तथा भैंसथान में 223 सीटर महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी द्वारा 224-224 सीटर छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण नया रायपुर में एक हजार सीटर छात्रावास बनाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित एवं सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने राज्य शासन ने वर्किंग वीमेन हॉस्टल बनाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया था।उन्होंने इसकी मंजूरी मिलने पर राज्य की महिलाओं की ओर से भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण से तीनों शहरों में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत नया रायपुर में एक हजार सीटर महिला छात्रावास के लिए 103 करोड़ 22 लाख रुपए, रायपुर के टाटीबंध और तेलीबांधा में 250-250 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 15 करोड़ 10 लाख रुपए और 15 करोड़ पांच लाख रुपए मंजूर किए हैं। रायपुर के ही भैंसथान में 223 सीटर छात्रावास के लिए 17 करोड़ 23 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में 224-224 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 26 करोड़ 15 लाख रुपए और 25 करोड़ 25 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
04. मातृ एवं बाल कल्याण कार्यक्रम और आंगनवाड़ी सेवाओं का विस्तार
इसके अलावा, मातृ एवं बाल कल्याण कार्यक्रमों और आंगनवाड़ी सेवाओं का विस्तार महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत करेगा। (Key Announcements for womens) स्वस्थ मां ही स्वस्थ पीढ़ी का निर्माण करती है, इसलिए इन योजनाओं से महिलाओं की शारीरिक और सामाजिक स्थिति बेहतर होगी।
कुल मिलाकर, ये बजटीय घोषणाएं महिलाओं को आर्थिक सहायता, संपत्ति का अधिकार, शिक्षा के अवसर और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम हैं। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा सकता है।
अन्य क्षेत्र में सरकार की बड़ी घोषणाएं
महिलाओं के लिए विकास और कल्याण के द्वार खोलने के साथ ही साय सरकार ने अपने बजट में सभी वर्गों की चिंता की है। 2026-27 के इस संकलप बजट में बुनियादी ढाँचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के लिए ₹9,450 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका मुख्य फोकस सड़कों के विस्तार और सुधार पर है। ‘मुख्यमंत्री त्वरित सड़क कनेक्टिविटी योजना’ के लिए ₹200 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही सिंचाई और ग्रामीण जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए जल संसाधन योजनाओं के तहत ₹3,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। क्षेत्रीय हवाई अड्डों-बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर-के विस्तार के लिए भी समर्पित फंड दिया गया है, ताकि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बेहतर हो सके। ऊर्जा क्षेत्र में नए सब-स्टेशनों की स्थापना और रूफटॉप सोलर पहलों के माध्यम से विद्युत अवसंरचना का विस्तार किया जाएगा।
कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाना है। मतनार और देउरगाँव बैराज जैसी ₹2,024 करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार की गई हैं, जो अब तक अछूते रहे हैं। साथ ही भूमिहीन कृषि परिवारों को सहायता प्रदान कर उनकी आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
जनजातीय और क्षेत्रीय संतुलित विकास के तहत बस्तर और सरगुजा जैसे ऐतिहासिक रूप से वंचित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन इलाकों में बुनियादी ढाँचे, आजीविका, शिक्षा और बस्तर-सरगुजा ओलंपिक जैसी सांस्कृतिक पहलों के माध्यम से लक्षित उत्थान की योजना बनाई गई है। (Key Announcements for womens) शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए बस्तर फाइटर्स में 1,500 नए पदों सहित अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की भी घोषणा की गई है।
औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को गति देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु ₹250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। MSME, स्टार्टअप और निवेश मिशनों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, ताकि रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें। आर्थिक अवसरों के विविधीकरण के लिए मैनपाट सहित अन्य पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष कोष की व्यवस्था की गई है। साथ ही आर्थिक नियोजन में पर्यावरण संरक्षण और हरित पहलों को भी शामिल किया गया है, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिल सके।

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