Kamal Nath on MP Budget 2026: ‘मध्यप्रदेश बजट में सिर्फ बातों के बताशे’, कमलनाथ ने सरकार को बताया जनविरोधी, दिलाई इन वादों की याद

'मध्यप्रदेश बजट में सिर्फ बातों के बताशे', कमलनाथ ने सरकार को बताया जनविरोधी, Former CM Kamal Nath on MP Budget 2026

Kamal Nath on MP Budget 2026: ‘मध्यप्रदेश बजट में सिर्फ बातों के बताशे’, कमलनाथ ने सरकार को बताया जनविरोधी, दिलाई इन वादों की याद

Kamal Nath on MP Budget 2026. Image Source- IBC24 Archive

Modified Date: February 18, 2026 / 01:54 pm IST
Published Date: February 18, 2026 1:54 pm IST

भोपालः Kamal Nath on MP Budget 2026: मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 का ये बजट 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का है। वहीं अब इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है।

कमल नाथ ने एक्स पर लिखा कि नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से ग़ायब दिखाई दिए। प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया। विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे, वह इस प्रकार हैं:-

  • किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपया प्रति क्विंटल
  • किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल
  • लाड़ली बहन योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हज़ार रुपया
  • घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में।

यह सरकार जनविरोधी हैः- कमलनाथ

Kamal Nath on MP Budget 2026: भारतीय जनता पार्टी ने अपनी इन चारों घोषणाओं को बजट में कोई स्थान नहीं दिया और स्पष्ट कर दिया है कि यह सरकार जनविरोधी है, जनता से विश्वासघात करने वाली है और वादा-खिलाफी इसका स्वभाव है। इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पिछले बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, उनको पूरा क्यों नहीं किया गया। वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया कि आख़िर केंद्र सरकार से अगले पाँच साल में मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में 50 हज़ार करोड़ रुपये की कमी पर सरकार की क्या रणनीति है। इसके अलावा केंद्र और राज्य के सहयोग से चलने वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से कई हज़ार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया गया। इन विभिन्न पहलुओं को देखते हुए साफ़ समझ में आता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रही है और केंद्र सरकार की कठपुतली के रूप में प्रदेश की जनता के हित को केंद्र के हाथों में गिरवी रख दिया है।

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