ओडिशा में लघु जलविद्युत परियोजनाओं के लिए 185 स्थलों की पहचान

ओडिशा में लघु जलविद्युत परियोजनाओं के लिए 185 स्थलों की पहचान

ओडिशा में लघु जलविद्युत परियोजनाओं के लिए 185 स्थलों की पहचान
Modified Date: September 11, 2026 / 10:34 pm IST
Published Date: September 11, 2026 10:34 pm IST

भुवनेश्वर, 11 सितंबर (भाषा) ओडिशा सरकार ने लघु जलविद्युत परियोजनाएं स्थापित करने के लिए राज्य में 185 स्थलों की पहचान की है। ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

लघु जलविद्युत विकास को लेकर यहां आयोजित संबंधित पक्षों के साथ संवाद के दौरान देव ने कहा कि ओडिशा के पास देश के कुल सतही जल संसाधनों का करीब 11 प्रतिशत हिस्सा है। ऐसे में राज्य में लघु जलविद्युत उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में हमने 185 स्थलों को चिन्हित किया है। इन स्थलों पर कुल मिलाकर 260 मेगावाट की लघु जलविद्युत क्षमता विकसित की जा सकती है। आने वाले दिनों में चिह्नित क्षमता और बढ़ सकती है।’’

देव ने कहा कि राज्य में बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन अब लघु जलविद्युत क्षमता के दोहन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

संबंधित पक्षों के साथ संवाद में नीति-निर्माताओं, परियोजना विकसित करने वाले, वित्तीय संस्थानों और क्षेत्र के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इसमें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की 2026-27 से 2030-31 तक की लघु जलविद्युत विकास योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के उपायों पर चर्चा हुई।

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री के.वी. सिंह देव ने इस सत्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि लघु जलविद्युत परियोजनाओं से पर्यावरण और विकास, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। इन परियोजनाओं में मौजूदा सिंचाई नहरों और जल प्रवाह का इस्तेमाल किया जा सकता है तथा बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होती।

अधिकारियों के अनुसार, भारत ने अब तक अनुमानित 21,133 मेगावाट की लघु जलविद्युत क्षमता में से 5,171 मेगावाट का उपयोग किया है।

भाषा यासिर योगेश रमण

रमण


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