गुजरात विधानसभा ने किराया, कारोबार सुगमता और भूमि विखंडन से जुड़े तीन विधेयक पारित किए

गुजरात विधानसभा ने किराया, कारोबार सुगमता और भूमि विखंडन से जुड़े तीन विधेयक पारित किए

गुजरात विधानसभा ने किराया, कारोबार सुगमता और भूमि विखंडन से जुड़े तीन विधेयक पारित किए
Modified Date: September 11, 2026 / 10:24 pm IST
Published Date: September 11, 2026 10:24 pm IST

गांधीनगर, 11 सितंबर (भाषा) गुजरात विधानसभा ने शुक्रवार को किराये की संपत्तियों से जुड़े कानून में बदलाव, कारोबार के लिए नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने और भूमि के छोटे-छोटे हिस्सों में बंटने से जुड़ी दशकों पुरानी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए।

गुजरात किराया विधेयक, 2026, गुजरात कारोबार सुगमता विधेयक, 2026 और गुजरात भूमि के विखंडन की रोकथाम और एकीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे और अंतिम दिन पारित किए गए।

शहरी विकास मंत्री कनुभाई देसाई द्वारा पेश किया गया किराया विधेयक, गुजरात किराया, होटल और लॉजिंग हाउस दर नियंत्रण अधिनियम, 1947 की जगह लेगा। इसका उद्देश्य मकान मालिकों और किरायेदारों के अधिकारों तथा जिम्मेदारियों के बीच संतुलन कायम करना है।

यह विधेयक मॉडल किरायेदारी अधिनियम, 2021 पर आधारित है। इसके तहत आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए लिखित किरायेदारी समझौता अनिवार्य होगा। समझौता होने के दो महीने के भीतर मकान मालिक और किरायेदार, दोनों को मिलकर इसकी जानकारी किराया प्राधिकरण को देनी होगी।

किराया प्राधिकरण की नियुक्ति के तीन महीने के भीतर स्थानीय भाषा में एक डिजिटल मंच भी स्थापित किया जाएगा।

विधेयक में ‘सिक्योरिटी’ राशि को तीन महीने के किराये तक सीमित करने का प्रावधान है। किरायेदार द्वारा परिसर खाली कर कब्जा सौंपने के एक महीने के भीतर देनदारियों का समायोजन करने के बाद यह राशि लौटानी होगी।

विधेयक में विवादों के निपटारे के लिए तीन स्तर की व्यवस्था का प्रस्ताव है। इसमें किराया प्राधिकरण, किराया न्यायालय और किराया न्यायाधिकरण शामिल होंगे।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय


लेखक के बारे में