जयपुर, चार अगस्त (भाषा) राजस्थान में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत अब तक 2.55 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 2.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें लगभग 60 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने सूक्ष्म विनिर्माण इकाइयों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और अन्य गैर-निगमित लघु उद्यमों को संस्थागत वित्त उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल दो करोड़ 55 लाख 91 हजार 381 लाभार्थियों को दो लाख 18 हजार 423 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 1.54 करोड़ से अधिक महिलाओं ने 67 हजार 982 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण प्राप्त किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ही राजस्थान में 23.74 लाख से अधिक लाभार्थियों को 31 हजार 460 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए।
बयान में कहा गया कि इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की साहूकारों जैसे गैर-संस्थागत ऋण स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है, क्योंकि उन्हें संस्थागत वित्त तक आसान पहुंच उपलब्ध हुई है।
लोकसभा में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी द्वारा दिए गए एक लिखित उत्तर का हवाला देते हुए बयान में कहा गया है कि जून, 2026 तक देशभर में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 59.14 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 41.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं।
वर्ष 2015 में शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि लघु और सूक्ष्म उद्यमों को 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
बयान में कहा गया है कि यह योजना दुकानदारों, परिवहन संचालकों, कारीगरों, खाद्य सेवा इकाइयों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं सहित छोटे उद्यमियों के लिए बड़ा सहारा बनकर उभरी है तथा स्वरोजगार और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
भाषा बाकोलिया राजकुमार अजय
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