सरकार मेटा के साथ बैठक में उठाएगी सीएसएएम, प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई का मुद्दा

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सरकार मेटा के साथ बैठक में उठाएगी सीएसएएम, प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई का मुद्दा

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 06:03 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 06:03 PM IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार को कहा कि सरकार मेटा के वैश्विक दल के साथ बैठक में बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) से निपटने में खामियों और प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई सहित कई मुद्दे उठाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी होने के नाते मेटा को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि उसकी प्रणालियां अपेक्षित तरीके से काम करें।

कृष्णन ने कहा कि मेटा का वैश्विक दल पांच और छह अगस्त को भारत में रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में नीट प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मेटा संचालित सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर एक वीडियो साझा किया था। इसे कुछ समय के लिए मंच से हटा दिए जाने के बाद सरकार ने मेटा के शीर्ष वैश्विक अधिकारियों को तलब किया है।

मेटा ने तकनीकी गड़बड़ी को घटना की वजह बताते हुए माफी मांगी थी, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस स्पष्टीकरण को ‘‘अपर्याप्त’’ माना था। फेसबुक की संचालक कंपनी ने कहा था कि ‘पोस्ट’ ‘‘गलती से’’ हट गयी थी और बाद में उसे मंच पर बहाल कर दिया गया।

मेटा बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) से जुड़े मामलों को लेकर भी नियामकीय जांच के दायरे में रही है। सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर सशुल्क विज्ञापनों के माध्यम से बाल यौन शोषण एवं दुरुपयोग सामग्री प्रसारित होने के मामलों को लेकर भी सरकार कंपनी को नोटिस जारी कर चुकी है।

कृष्णन ने आईआईटी मद्रास और जोश टॉक्स एआई द्वारा विकसित स्वतंत्र मल्टीमॉडल एआई मूल्यांकन मंच की शुरुआत के लिए आयोजित कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ कई मुद्दे हैं… सीएसएएम का मामला उठाया गया था, इसलिए इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं, कृत्रिम रूप से तैयार की गई सामग्री को किस हद तक देखा जा रहा है। इसके अलावा, प्रमुख व्यक्तियों के सत्यापित खातों पर यदि कोई सामग्री हटानी हो तो उसके लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय होने चाहिए… ये सभी मुद्दे उठाए जाएंगे।’’

कृष्णन ने कहा कि दुनिया की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल मेटा के पास इन समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी क्षमता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उनसे (मेटा से) यह समझना चाहेंगे कि इनमें से कुछ चीजें अपेक्षित तरीके से क्यों काम नहीं कर रही हैं और इसमें क्या चुनौतियां हैं।’’

कृष्णन ने कहा कि सोशल मीडिया मंचों को भारत के कानूनों की स्पष्ट समझ होनी चाहिए। उन्हें यह जानकारी होनी चाहिए कि अनुपालन किस प्रकार किया जाना चाहिए और यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि वे अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था करेंगे।

सरकारी सूत्रों ने पहले कहा था कि यह मामला केवल तकनीकी पहलुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा व सार्वजनिक व्यवस्था’’ से भी जुड़ा है।

उन्होंने कहा था कि मेटा के वैश्विक दल से एल्गोरिदम में संभावित पक्षपात, उसके काम करने के तरीके और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में कंपनी की भूमिका जैसे मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि कुछ सोशल मीडिया मंच ‘‘सरकार-विरोधी’’ और ‘‘लोकतंत्र-विरोधी’’ सामग्री को बढ़ावा दे रहे हैं जबकि महिलाओं तथा बच्चों से संबंधित अवैध सामग्री पर रोक लगाने में विफल रहे हैं।

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दुबे ने कहा कि समिति ने सर्वसम्मति से सिफारिश की है कि यदि सोशल मीडिया कंपनियां भारतीय कानूनों का पालन नहीं करती हैं तो उन्हें उपलब्ध ‘सेफ हार्बर’ संरक्षण वापस ले लिया जाए।

‘सेफ हार्बर’ एक कानूनी प्रावधान है जो इंटरनेट मध्यस्थों तथा सोशल मीडिया मंचों को उपयोगकर्ताओं द्वारा ‘पोस्ट’ की गई सामग्री के लिए कानूनी जिम्मेदारी या मुकदमों से बचाता है।

संसदीय समिति ने भी एल्गोरिदम में संभावित पक्षपात के मुद्दे पर मेटा के अधिकारियों से सोमवार को पूछताछ की थी। समिति ने कहा कि मंच पर अश्लील तथा आपत्तिजनक सामग्री आसानी से उपलब्ध है जबकि ‘‘वास्तविक’’ सामग्री हटा दी जाती है।

भाषा निहारिका अजय

अजय