आईएलएंडएफएस की आर्थिक रूप से कमजोर 50 कंपनियों को सीएसआर खर्च से राहत

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आईएलएंडएफएस की आर्थिक रूप से कमजोर 50 कंपनियों को सीएसआर खर्च से राहत

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  • Publish Date - March 22, 2026 / 01:52 PM IST,
    Updated On - March 22, 2026 / 01:52 PM IST

नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने आईएलएंडएफएस समूह की आर्थिक रूप से कमजोर (रेड और एंबर) 50 कंपनियों को कर्ज पर बढ़े ब्याज खर्च के कारण कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) से छूट दे दी है।

इस आदेश से कर्ज में डूबे आईएलएंडएफएस समूह की करीब 50 ऐसी कंपनियों को फायदा होगा, जिन्हें 15 अक्टूबर, 2018 के एनसीएलएटी के आदेश के तहत अस्थायी राहत मिली हुई है।

इन कंपनियों ने अपने बकाया कर्ज पर ब्याज जोड़ना बंद कर रखा है, जिससे उनके खातों में कंपनी अधिनियम की धारा 198 के तहत कागजी (दिखावटी) मुनाफा दिख रहा था।

इसी मुनाफे के कारण ये कंपनियां अधिनियम की धारा 135 के तहत सीएसआर नियमों का पालन करने के लिए बाध्य हो रही थीं। इस स्थिति को ठीक करने के लिए आईएलएंडएफएस समूह ने पिछले साल एनसीएलएटी में आवेदन देकर सीएसआर दायित्व से छूट मांगी थी।

इस आवेदन पर सरकार को नोटिस जारी किया गया था।

दो सदस्यीय पीठ ने इस महीने की शुरुआत में दिए आदेश में कंपनी अधिनियम की धारा 241(2) और 242(2)(एम) के तहत अपने विवेकाधीन अधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह छूट प्रदान की।

इस पीठ में अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी शामिल थे।

एनसीएलएटी ने कहा, “आवेदन में पर्याप्त आधार दिए गए हैं, इसलिए ‘रेड/एंबर’ कंपनियों को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135(5) के तहत सीएसआर गतिविधियों पर जरूरी खर्च करने की शर्त से छूट दी जाती है।”

कंपनी अधिनियम की धारा 135(5) के अनुसार, हर कंपनी को प्रत्येक वित्त वर्ष में पिछले तीन वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम दो प्रतिशत सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना होता है।

भाषा योगेश अजय

अजय