(फाइल फोटो सहित)
नागपुर, 22 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात के मामले में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के नेतृत्व में उच्चस्तरीय जांच की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
खरात खुद को मर्चेंट नेवी का सेवानिवृत्त अधिकारी बताता है और ‘कैप्टन’ उपनाम से जाना जाता है। कई नेता वर्षों से खरात से मिलने जाते रहे हैं। उसे बुधवार को एक महिला का तीन साल तक यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
फडणवीस ने यहां एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा कि पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर इस मामले का पर्दाफाश किया और डीजीपी को जांच की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो नासिक पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
फडणवीस ने कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन जिन लोगों के पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए सबूत हैं, उन्हें आगे आकर पुलिस के साथ सहयोग करना चाहिए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखे हमले और उन्हें ‘‘सबसे बड़ा घुसपैठिया’’ करार दिए जाने पर, फडणवीस ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख को आगामी चुनाव में अपनी हार का अंदाजा हो गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में लोग कभी-कभी अपना विवेक खो देते हैं, इसलिए ऐसे बयानों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए क्योंकि लोग अच्छी तरह जानते हैं कि घुसपैठिए कौन हैं और देश की रक्षा कौन कर रहा है।’’
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस पोस्ट की भी आलोचना की जिसमें उन्होंने दावा किया था कि देश की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है।
फडणवीस ने कहा, ‘‘विश्व में जारी युद्धों के बीच, भारत सरकार ने व्यवस्थाएं की हैं और यह सुनिश्चित किया है कि आम जनता पर इसका कोई प्रभाव न पड़े। अगर हम पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के हालात देखें, तो उन्होंने अपने कार्यालय और स्कूल बंद कर दिए हैं। पेट्रोल और गैस सिलेंडरों की बिक्री रोक दी गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन भारत ने इन स्थितियों को अपने दैनिक जीवन को प्रभावित नहीं करने दिया है। मुझे लगता है कि राहुल गांधी केवल देश को बदनाम करने और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
भाषा आशीष नेत्रपाल
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