(8th Pay Commission Salary/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission Salary: देशभर के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) चर्चा का विषय बना हुआ है। आयोग की ओर से विभिन्न विभागों, मंत्रालयों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी बीच शिक्षक संगठनों ने वेतन व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग रखी है। शिक्षकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन के खर्च को देखते हुए मौजूदा वेतन संरचना में सुधार की जरूरत है।
शिक्षक संगठनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) में बढ़ोतरी को लेकर है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। अब इसे बढ़ाकर 2.86 से 3 तक करने की मांग की जा रही है। यदि सरकार इस मांग पर विचार करती है तो सरकारी शिक्षकों के मूल वेतन में काफी बढ़ोतरी (Increase in Basic Salary) हो सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि नए वेतन ढांचे में न्यूनतम वेतन में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
कई शिक्षक संगठनों ने एंट्री-लेवल 6 शिक्षकों की शुरुआती बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 1,34,500 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा न्यूनतम वेतन को 65,000 रुपये या उससे अधिक करने की मांग भी की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान समय में महंगाई के कारण वेतन का वास्तविक लाभ कम हो गया है। इसलिए नई वेतन संरचना (Salary Structure) में कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
शिक्षक संगठनों ने केवल मूल वेतन ही नहीं बल्कि अन्य सुविधाओं में भी सुधार की मांग की है। इनमें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) बढ़ाना और सालाना इंक्रीमेंट को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करना शामिल है। इसके साथ ही 10-20-30 करियर प्रोग्रेशन स्कीम (Career Progression Scheme) लागू करने की मांग भी उठाई गई है। अगर इन मांगों को मंजूरी मिलती है तो सरकारी शिक्षकों की आय और आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हो सकता है।