बीते वित्त वर्ष में विज्ञापन नियमों के उल्लंघन के 97 प्रतिशत मामले डिजिटल मंचों पर: एएससीआई

बीते वित्त वर्ष में विज्ञापन नियमों के उल्लंघन के 97 प्रतिशत मामले डिजिटल मंचों पर: एएससीआई

बीते वित्त वर्ष में विज्ञापन नियमों के उल्लंघन के 97 प्रतिशत मामले डिजिटल मंचों पर: एएससीआई
Modified Date: May 28, 2026 / 07:31 pm IST
Published Date: May 28, 2026 7:31 pm IST

मुंबई, 28 मई (भाषा) विज्ञापन क्षेत्र की स्व-नियामक संस्था ‘भारतीय विज्ञापन मानक परिषद’ (एएससीआई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल विज्ञापनों में से 97 प्रतिशत से अधिक विज्ञापन नए जमाने के डिजिटल मीडिया पर देखे गए।

संस्था के अनुसार, अकेले सोशल मीडिया दिग्गज ‘मेटा’ की इन विवादित या दोषपूर्ण विज्ञापनों में करीब 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही।

एएससीआई की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि में कुल 9,611 विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें से सर्वाधिक 97.36 प्रतिशत विज्ञापन डिजिटल मंच पर, 2.04 प्रतिशत टेलीविजन पर और 0.26 प्रतिशत विज्ञापन प्रिंट मीडिया में जारी किए गए थे।

डिजिटल मंचों पर नियमों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों में से 79.84 प्रतिशत अकेले ‘मेटा’ पर प्रसारित किए गए, जो फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय मंच संचालित करती है।

वहीं दूसरी ओर, यूट्यूब का संचालन करने वाली कंपनी ‘गूगल’ की इस तरह के विज्ञापनों में हिस्सेदारी केवल 3.59 प्रतिशत रही। इसके अलावा, एएससीआई के कोड का उल्लंघन करने वाले डिजिटल विज्ञापनों में विभिन्न वेबसाइट की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत से अधिक रही।

एएससीआई के चेयरमैन सुधांशु वत्स ने कहा, ‘हम विज्ञापनों में बढ़ा-चढ़ाकर दावे करने, झूठी वैज्ञानिक प्रामाणिकता दिखाने, इन्फ्लूएंसर्स (सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले लोगों) के जरिये विज्ञापनों को बढ़ावा देने और नियमों के उल्लंघन को एक आम बात मानने की बढ़ती प्रवृत्ति देख रहे हैं।’

उन्होंने आगे कहा कि विज्ञापनों से जुड़ी शिकायतों के यह आंकड़े विज्ञापन जगत की उस स्थिति को दर्शाते हैं, जो तीव्र प्रतिस्पर्धा, गति और डिजिटल विस्तार के कारण तेजी से बदल रही है।

भाषा योगेश अजय

अजय


लेखक के बारे में