नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की दो उड़ानों से जुड़ी ‘एयरप्रॉक्स’ की घटना की जांच रिपोर्ट में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एयरलाइंस की सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियों की प्रभावशीलता की जांच कराने की सिफारिश की है।
दिल्ली हवाई क्षेत्र में 17 नवंबर, 2023 को हुई घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट में एएआईबी ने कहा कि इस घटना के पीछे दो मुख्य कारण थे। पहला, एक विमान के चालक दल ने मानक संचालन प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन नहीं किया। दूसरा, एयरलाइन ने उस घटना से पहले निर्धारित उड़ान प्रस्थान मार्ग से जुड़ी बार-बार हुई गलतियों पर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।
जब दो विमान एक-दूसरे के अधिक पास आ जाते हैं तो उसे ‘एयरप्रॉक्स’ कहा जाता है। निर्धारित उड़ान प्रस्थान मार्ग वह रास्ता होता है जिस पर विमान टेकऑफ से लेकर मुख्य उड़ान मार्ग तक जाता है।
गंभीर ‘एयरप्रॉक्स’ की इस घटना में इंडिगो का ए321 विमान (उड़ान संख्या आईजीओ 2113 दिल्ली से हैदराबाद) और ए320 विमान (उड़ान संख्या आईजीओ 2206 दिल्ली से रायपुर) शामिल थे।
जांच में पाया गया कि विमान के चालक दल ने कॉकपिट तैयारी के समय मानक प्रक्रिया का पालन नहीं किया और उड़ान मार्ग को भी अद्यतन नहीं किया।
अंतिम रिपोर्ट में जांच संस्था ने कहा है कि डीजीसीए को सभी एयरलाइंस और हवाई मार्ग संचालन सेवाओं की सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता का एक बार निरीक्षण करना चाहिए। इसके साथ ही सुनिश्चित किया जाए कि सभी आवश्यक घटनाओं की रिपोर्ट समय पर और पूरी तरह सही तरीके से दी जाए।
भाषा योगेश प्रेम
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