केंद्र का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की वृद्धि पर ध्यान, बजट में और कदम उठाने की उम्मीद: चिराग पासवान

केंद्र का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की वृद्धि पर ध्यान, बजट में और कदम उठाने की उम्मीद: चिराग पासवान

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  • Publish Date - January 8, 2026 / 09:48 PM IST,
    Updated On - January 8, 2026 / 09:48 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं और उम्मीद है कि आने वाले बजट में और कदम उठाए जाएंगे।

पासवान ने ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में ‘इंडसफूड 2026’ का उद्घाटन किया। इंडसफूड एशिया का सबसे बड़ा खाद्य और पेय व्यापार प्रदर्शनी है।

कार्यक्रम के दौरान, मंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले साल के बजट में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के बजट में एक नए राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की घोषणा की गई थी जो बिहार में बनेगा।

पासवान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर ध्यान केन्द्रित किया है। इस क्षेत्र का मंत्री होने के नाते, मुझे इस साल के बजट से बहुत उम्मीदें हैं।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 का बजट लोगों की उम्मीदों को पूरा करेगा।

एक सरकारी बयान के अनुसार, मंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में व्यवसाय के बहुत बड़े मौके हैं और सरकार इस क्षेत्र में आने वाले उद्यमियों का समर्थन कर रही है।

पासवान ने कहा, ‘‘भारत सरकार के पास खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए एक अलग मंत्रालय है, यह इस क्षेत्र को दी जाने वाली अहमियत को दिखाता है। हम सरकार और उद्योग के बीच एक पुल बनने की कोशिश कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत एक अधिशेष खाद्य उत्पादक देश है और अब ‘इस मात्रा को मूल्य में बदलने’ की जरूरत है।

पासवान ने कहा कि मंत्रालय इस क्षेत्र में आने के लिए ज्यादा से ज्यादा उद्यमियों का समर्थन कर रही है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना(पीएमएफएमई), प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) जैसी योजनायें किसानों और उद्योग दोनों की मदद कर रही हैं।

पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान के दायरे में और राज्यों को लाने के लिए कदम उठाया जाएगा।

मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के साथ के साथ है और व्यापार को सुगम बनाने के लिए हर कदम उठाएगी।’’

पासवान ने कहा कि उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर वस्तु एवं सेवा (जीएसटी) कर का मुद्दा जीएसटी परिषद के सामने उठाया था, जिसे हाल के सुधारों के जरिए सुलझाया गया और कर को घटाकर पांच प्रतिशत या शून्य कर दिया गया।

मंत्री ने वैश्विक कंपनियों से भारत में अपने शोध एवं विकास केन्द्र खोलने की अपील की।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण