(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) उद्योगपति गौतम अदाणी रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. के प्रमुख मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।
यह बदलाव उनके बंदरगाह से ऊर्जा क्षेत्र तक फैले समूह के शेयर में लगातार तेजी के कारण उनकी संपत्ति में हुई वृद्धि के कारण हुआ है।
एशिया के अमीर व्यक्तियों की ताजा रैंकिंग के अनुसार, अदाणी की कुल संपत्ति 92.6 अरब डॉलर है, जबकि अंबानी की संपत्ति 90.8 अरब डॉलर आंकी गई है। इस तरह अदाणी अब भारत और एशिया दोनों में सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।
अदाणी भारत के सबसे बड़े निजी बंदरगाह नेटवर्क का संचालन करते हैं। वे देश के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादक और निजी हवाई अड्डा संचालक भी हैं तथा दुनिया के प्रमुख कोयला व्यापारियों में शामिल हैं।
वह वर्तमान में ‘ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स’ में 19वें स्थान पर हैं। यह दुनिया के 500 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची है और इसे रोजाना अद्यतन किया जाता है।
उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समूह की 10 सूचीबद्ध कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी से आता है। हाल में अदाणी समूह के शेयरों में आई तेजी से बाजार पूंजीकरण में अरबों डॉलर की वृद्धि हुई है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा बदलाव से जुड़े क्षेत्रों में निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाती है।
इसके विपरीत, मुकेश अंबानी की संपत्ति में तुलनात्मक रूप से कम बढ़त हुई है। उनकी संपत्ति का मुख्य आधार उनका प्रमुख समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जो ऊर्जा, दूरसंचार और खुदरा व्यापार जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। इस धीमी बढ़त के कारण क्षेत्र के अरबपतियों की सूची में बदलाव आया है।’
‘ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स’ की अमीर व्यक्तियों की सूची में शीर्ष स्थान पर कार विनिर्माता कंपनी टेस्ला के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एलन मस्क हैं। उनकी कुल संपत्ति 656 अरब डॉलर है, जो उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी लैरी पेज की संपत्ति से दोगुने से भी अधिक है। लैरी पेज गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के सह-संस्थापक हैं और उनकी संपत्ति 286 अरब डॉलर है।
अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस 269 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
अदाणी और अंबानी ही शीर्ष 50 में शामिल दो भारतीय हैं।
अंबानी एक दशक से अधिक समय तक भारत के सबसे अमीर व्यक्ति रहे, लेकिन 2022 में अदाणी समूह के शेयरों में तेज वृद्धि के कारण वह शीर्ष स्थान पर पहुंच गए।
हालांकि, बाद में एक अमेरिकी शोध कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अदाणी समूह के शेयरों में गिरावट आई और अंबानी फिर से शीर्ष स्थान पर आ गए।
अदाणी ने 2024 के मध्य में फिर से अंबानी को पीछे छोड़ दिया, जबकि 2025 के मध्य में अंबानी शीर्ष पर लौट आए। लेकिन इस महीने अदाणी ने फिर से बढ़त हासिल कर ली है।
भाषा योगेश रमण
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