नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत में बनाई जा रही एके-203 राइफल के लिए देश में उत्पादित 7.62×39 मिमी गोला-बारूद की आपूर्ति के लिए इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ पांच साल का समझौता किया है।
इस समझौते से भारत-रूस राइफल कार्यक्रम के लिए देश में ही एक एकीकृत आपूर्ति शृंखला तैयार होगी।
कंपनी के अनुसार, इस समझौते के तहत अदाणी डिफेंस पांच साल तक एके-203 कार्यक्रम के लिए आवश्यक छोटे हथियारों के गोला-बारूद की आपूर्ति करेगी। इससे इस कार्यक्रम के लिए भारत में ही गोला-बारूद की आपूर्ति का स्रोत उपलब्ध होगा और अनुबंध की अवधि के दौरान इसकी उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
यह समझौता एके-203 कार्यक्रम के तहत राइफल निर्माण और गोला-बारूद उत्पादन को एक साथ जोड़ता है। इंडो-रशियन राइफल्स (आईआरआरपीएल) राइफल का निर्माण कर रही है, जबकि अदाणी डिफेंस गोला-बारूद का उत्पादन करेगी।
आईआरआरपीएल की स्थापना भारत-रूस अंतर-सरकारी समझौते के तहत भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एके-203 राइफल के निर्माण के मकसद से 2019 में की गई थी।
इसका विनिर्माण संयंत्र उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कोरवा में स्थित है।
इस संयुक्त उद्यम में भारतीय शेयरधारक – एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड और म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड हैं, जबकि रूस के शेयरधारक कंसर्न कलाश्निकोव और रोसोबोरोनएक्सपोर्ट हैं।
रक्षा मंत्रालय ने आईआरआरपीएल को एके-203 राइफल के स्वदेशी उत्पादन के लिए जिम्मेदार संयुक्त उद्यम के रूप में चुना है। सरकार ने दिसंबर 2021 में कंपनी के साथ 6,01,427 एके-203 राइफल के निर्माण के लिए अनुबंध किया था। इन राइफल का निर्माण कोरवा स्थित संयंत्र में किया जाना है।
अदाणी डिफेंस ने भारत में छोटे गोला-बारूद के निर्माण की क्षमता विकसित की है। कंपनी का कानपुर में भी एक उत्पादन संयंत्र है।
भाषा यासिर पाण्डेय
पाण्डेय