नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) उद्योगपति गौतम अदाणी अमेरिकी अदालत में इस सप्ताह एक हलफनामा दाखिल कर सकते हैं, जिसमें उन्हें अभियोग वापस लेने से जुड़े किसी संभावित समझौते की जानकारी के बारे में बताना होगा। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने अदालत से कहा था कि उसने प्रतिभूति मामले को केवल इसलिए वापस लेने का अनुरोध किया क्योंकि मामले का कोई कानूनी आधार नहीं बनता। यह हलफनामा अदालत के इस निर्देश के बाद ही दाखिल किया जा रहा है।
न्याय मंत्रालय के अधिकारी मैककॉट्टर ने 10 पृष्ठ के लिखित हलफनामे में कहा कि मामला वापस लेने का फैसला उन्होंने स्वतंत्र रूप से लिया था। उन्होंने मीडिया की उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि आरोप वापस लेने के बदले प्रतिवादियों ने अमेरिका में निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
न्यायाधीश ने कहा कि हालांकि, सरकार के इस पक्ष से पहली बार यह संभावना सामने आई है कि किसी प्रकार की सहमति या व्यवस्था रही हो सकती है, हालांकि इसकी जानकारी अदालत को नहीं दी गई।
अदालत ने कहा कि मामले को औपचारिक रूप से खारिज करने से पहले उसे यह संतुष्टि होनी चाहिए कि सरकार के फैसले पर किसी अघोषित समझौते का प्रभाव नहीं था।
अदालत ने अदाणी को 15 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें उन्हें यह बताना होगा कि क्या उन्हें अभियोग वापस लेने से जुड़े किसी वादे, प्रस्ताव, समझौते या लाभ की जानकारी है और क्या उन्हें इस बात की जानकारी है कि अभियोग वापस लेने के बदले कोई प्रतिफल या लेन-देन हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि अदाणी इस सप्ताह हलफनामा दाखिल कर सकते हैं।
अदाणी समूह ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है।
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