Chhattisgarh High Court News: छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती घोटाले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 7 आरोपियों को दी अग्रिम जमानत… लेकिन रख दी ये शर्त

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Chhattisgarh High Court News: छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती घोटाले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 7 आरोपियों को दी अग्रिम जमानत... लेकिन रख दी ये शर्त

Chhattisgarh High Court News/Photo Creadit: IBC24 File

HIGHLIGHTS
  • बिलासपुर हाईकोर्ट ने 2007 के शिक्षाकर्मी ग्रेड-3 भर्ती मामले में सात आरोपियों को सशर्त अग्रिम जमानत दी
  • अन्य सह-आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है
  • आरोपियों को जांच में सहयोग, गवाहों को प्रभावित न करने और 25 जुलाई 2026 को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है

बिलासपुर। Chhattisgarh High Court News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस सचिन सिंह राजपूत के सिंगल बेंच ने धमतरी जिले की वर्ष 2007 की शिक्षाकर्मी ग्रेड-3 भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े 18 साल पुराने मामले में सात आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि इसी मामले में समान आरोपों वाले अन्य सह-आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है, इसलिए वर्तमान याचिकाकर्ताओं को भी जमानत का लाभ दिया जाना उचित है।जस्टिस सचिन सिंह राजपूत के सिंगल बेंच ने सात अलग-अलग आपराधिक अपीलों पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है।

 वर्ग-3 के 172 पदों पर हुई थी भर्ती प्रक्रिया

 Shikshakarmi Recruitment Case बता दें कि वर्ष 2007 में जनपद पंचायत मगरलोड में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के 172 पदों पर भर्ती प्रक्रिया हुई थी। आरोप है कि चयन समिति के सदस्यों और अन्य आरोपियों ने साजिश के तहत कुछ अभ्यर्थियों के फर्जी या अमान्य दस्तावेजों के आधार पर अंक बढ़ाकर उन्हें चयनित करा दिया, इसके चलते पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली और वे बाहर हो गए। इस संबंध में वर्ष 2011 में पुलिस थाना मगरलोड में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(9)(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

पुलिस के पास नहीं मिले कोई सबूत

Chhattisgarh High Court News याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत कई समितियों और स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद हुई थी। करीब 5,000 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी अलग-अलग स्तर पर जांच के बाद अंतिम चयन सूची बनाई गई थी। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, पुलिस ने ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है जिससे यह साबित हो कि याचिकाकर्ताओं ने किसी आपराधिक षड्यंत्र में भाग लिया था। फर्जीवाड़ा की शिकायत किसी अज्ञात व्यक्ति की ओर से कई वर्ष बाद की गई और इसी मामले के अन्य सह-आरोपियों को पहले ही हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

हाई कोर्ट रख दी ये शर्त

Chhattisgarh High Court News हाई कोर्ट ने सातों याचिकाकर्ताओं को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, याचिकाकर्ताओं को इस मामले में गिरफ्तार किया जाता है तो उन्हें 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक-एक जमानतदार पर रिहा किया जाए। हाई कोर्ट ने यह भी शर्त लगाई है, सभी आरोपी जांच में सहयोग करेंगे, गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे, ट्रायल में नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे तथा भविष्य में इसी तरह का कोई अपराध नहीं करेंगे। साथ ही उन्हें 25 जुलाई 2026 को विवेचना अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। यदि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो राज्य सरकार अथवा शिकायतकर्ता जमानत निरस्त कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

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यह मामला किस भर्ती से जुड़ा है?

यह मामला वर्ष 2007 में धमतरी जिले के मगरलोड जनपद पंचायत में हुई शिक्षाकर्मी ग्रेड-3 भर्ती से जुड़ा है।

हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

हाईकोर्ट ने सात आरोपियों को सशर्त अग्रिम जमानत प्रदान की है।

आरोप क्या हैं?

आरोप है कि कथित रूप से फर्जी या अमान्य दस्तावेजों के आधार पर कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ देकर चयनित कराया गया।

कोर्ट ने जमानत के साथ क्या शर्तें लगाई हैं?

आरोपियों को जांच में सहयोग करना होगा, गवाहों को प्रभावित नहीं करना होगा, नियमित रूप से ट्रायल में उपस्थित रहना होगा और 25 जुलाई 2026 को विवेचना अधिकारी के समक्ष पेश होना होगा।

क्या यह अंतिम फैसला है?

नहीं। यह अग्रिम जमानत का आदेश है। मामले की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।