डेटा सुरक्षा कानून चाहती हैं कृषि रसायन कंपनियां
डेटा सुरक्षा कानून चाहती हैं कृषि रसायन कंपनियां
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) भारत की पांच सबसे बड़ी कृषि-रसायन बनाने वाली कंपनियों ने संयुक्त रूप से सरकार से ‘कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025’ के मसौदे में नियामकीय आंकड़ों की सुरक्षा का प्रावधान शामिल करने को कहा है। उनका तर्क है कि ऐसे ढांचे की कमी के कारण देश में नए और सुरक्षित कीटनाशक ‘मॉलिक्यूल’ के आने में देरी हो रही है।
एक संयुक्त बयान में, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन, रैलिस इंडिया, धनुका एग्रीटेक, पीआई इंडस्ट्रीज और गोदरेज एग्रोवेट – जो सभी उद्योग निकाय ‘क्रॉपलाइफ इंडिया’ के सदस्य हैं – ने एक नए मॉलिक्यूल या नए इस्तेमाल के पहले पंजीकरण से शुरू होने वाली पांच साल की, समय-सीमा वाली डेटा सुरक्षा अवधि की मांग की।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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