पश्चिम बंगाल में उद्योग, भूमि के लिए अलग-अलग नीति लाने की तैयारीः मंत्री

पश्चिम बंगाल में उद्योग, भूमि के लिए अलग-अलग नीति लाने की तैयारीः मंत्री

पश्चिम बंगाल में उद्योग, भूमि के लिए अलग-अलग नीति लाने की तैयारीः मंत्री
Modified Date: August 19, 2026 / 08:07 pm IST
Published Date: August 19, 2026 8:07 pm IST

कोलकाता, 19 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री तापस रॉय ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए उद्योग और भूमि के लिए अलग-अलग नीतियां लाने की तैयारी कर रही है।

रॉय ने कहा कि प्रस्तावित उद्योग नीति में निर्यात को बढ़ावा देने के उपाय भी शामिल होंगे।

उन्होंने यहां आयोजित ‘बिगमिंट इंडिया फेरस वीक 2026’ सम्मेलन से इतर पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, “निर्यात नीति उद्योग नीति का हिस्सा होगी, लेकिन भूमि नीति अलग होगी।”

रॉय इन नीतियों की समीक्षा के लिए गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) के प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगस्त में उद्योग नीति का प्रारंभिक मसौदा जारी करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

भूमि की उपलब्धता पश्चिम बंगाल में नए निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक आधार के विस्तार की दिशा में एक अहम मुद्दा रही है। सरकार उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध कराने के ऐसे विकल्पों पर विचार कर रही है, जिनसे अनिवार्य भूमि अधिग्रहण पर निर्भरता कम हो सके। भूमि को इकट्ठा करना यानी ‘लैंड पूलिंग’ ऐसा ही एक विकल्प है।

रॉय ने कहा कि जरूरत पड़ने पर उद्योग नीति को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखने से पहले जीओएम की एक और बैठक हो सकती है।

प्रस्तावित उद्योग नीति पर 11 अगस्त को हितधारकों के साथ हुई बैठक में चर्चा की गई थी। इसमें विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के मंत्रियों ने उद्योग प्रतिनिधियों से निवेश जुटाने के संबंध में सुझाव लिए थे।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


लेखक के बारे में