नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में जल्द ही एक ‘एआई मिशन’ शुरू किया जाएगा और इस प्रौद्योगिकी का उपयोग 2028 के सिंहस्थ मेले में भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह मिशन समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी होगा।
मुख्यमंत्री यादव ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ का दौरा किया और वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गजों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने और अन्य रणनीतिक साझेदारियों के पर्याप्त अवसर हैं, क्योंकि राज्य में पानी, बिजली और जमीन उपलब्ध है।
यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम देश के पांचवें सबसे बड़े राज्य हैं और संसाधनों एवं सुविधाओं के मामले में मजबूत स्थिति रखते हैं। मैंने अपने अधिकारियों के साथ एआई शिखर सम्मेलन में भाग लिया क्योंकि हम कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में अपने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं।’
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य ध्यान कृषि प्रक्रियाओं में सुधार, फसल विविधीकरण और किसानों की आय एवं सुविधाओं को बढ़ाने पर है, क्योंकि मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और इसका खाद्यान्न उत्पादन देश में शीर्ष पर है।
यादव ने कहा, ‘कृषि के अलावा, हम धार्मिक पर्यटन के लिए भी एआई का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। हम 2028 में सिंहस्थ मेला आयोजित करेंगे, जिसमें करीब 40 करोड़ लोगों के जुटने की संभावना है। एआई इस आयोजन के प्रबंधन में हमारी मदद कर सकता है।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में पर्याप्त पानी, बिजली और जमीन उपलब्ध होने के कारण राज्य में बड़े निवेशकों को डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘हमारा भौगोलिक स्थान देश के मध्य में होने के कारण संपर्क सुविधा आसान है।’
एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अपने दौरे पर कहा कि मध्य प्रदेश जल्द ही एक व्यापक ‘राज्य एआई मिशन’ शुरू करेगा, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग के जरिए शासन, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक वृद्धि को बेहतर बनाना है।
अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एनवीडिया, गूगल प्ले और सबमर जैसी कंपनियों के शीर्ष प्रबंधकों से मुलाकात की और उन्हें जनकल्याण के लिए एआई को अपनाने की अपने राज्य की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।
भाषा
योगेश प्रेम
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