Madhya Pradesh AI Mission Announcement || Image- MP MyGov file
नई दिल्ली। मोहन यादव ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान घोषणा की कि मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही एक व्यापक “स्टेट एआई मिशन” शुरू करेगी। (Madhya Pradesh AI Mission Announcement) इस मिशन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जिम्मेदार और बड़े पैमाने पर उपयोग के जरिए शासन, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक विकास को नई दिशा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति का अगला चरण है, जो आईटी/आईटीईएस, स्टार्टअप, औद्योगिक विकास, MSME और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख नीतिगत ढांचों के साथ जुड़ी हुई है। उन्होंने राज्य की मजबूत जनसंख्या (8.5 करोड़ से अधिक), युवा शक्ति और कृषि-औद्योगिक आधार को रेखांकित करते हुए कहा कि यह मिशन समावेशी विकास और व्यापक समृद्धि को गति देगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 का ₹4.21 लाख करोड़ का राज्य बजट, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, उद्योग विस्तार और युवाओं पर विशेष ध्यान है, इस एआई रोडमैप को मजबूती देता है। सरकार का लक्ष्य शासन को प्रेडिक्टिव, प्रोएक्टिव और डेटा-ड्रिवन बनाना है, जिससे नागरिकों को तेज, स्मार्ट और व्यक्तिगत सेवाएं मिल सकें। साथ ही, AI के उपयोग में पारदर्शिता, सुरक्षा और मानव निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Reform, Perform, Transform” विजन से प्रेरित यह मिशन डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अनुरूप होगा। इसके तहत कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पहले से पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।
मिशन के तहत प्रशासनिक विभागों को ड्राफ्टिंग, समरी, डेटा एनालिटिक्स और निर्णय समर्थन के लिए AI टूल्स दिए जाएंगे। (Madhya Pradesh AI Mission Announcement) राज्य सरकार पांच प्रमुख स्तंभों-कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (GPU क्लस्टर व डेटा सेंटर), प्रतिभा विकास, स्टार्टअप फंडिंग, औद्योगिक प्रोत्साहन और रिसर्च साझेदारी—पर आधारित मजबूत AI इकोसिस्टम विकसित करेगी।
विश्वविद्यालयों में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंडस्ट्री लैब और रिसर्च फेलोशिप शुरू की जाएंगी, वहीं क्षेत्रीय भाषाओं में AI मॉडल भी विकसित किए जाएंगे। भोपाल और इंदौर में AI स्टार्टअप एक्सेलेरेटर लॉन्च किए जाएंगे, जहां सीड ग्रांट, पेटेंट सहायता, इनक्यूबेशन और मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाएगा।
अगले पांच वर्षों में राज्य का लक्ष्य 500 से अधिक AI स्टार्टअप और 50,000 से ज्यादा रोजगार सृजित करना है। फार्मा, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, माइनिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योगों में AI आधारित सुधार से उत्पादकता 15-25% तक बढ़ने की संभावना जताई गई है। MSME सेक्टर को भी तकनीकी सहायता और साझा AI लैब्स के जरिए लाभ पहुंचाया जाएगा।
बढ़ती डिजिटल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सोलर आधारित ग्रीन डेटा सेंटर विकसित किए जाएंगे। (Madhya Pradesh AI Mission Announcement) रोडमैप के अनुसार 2026-27 में तैयारी, 2027-28 में विस्तार और 2028 के बाद AI को शासन का मुख्य आधार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश के एआई परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Madhya Pradesh moves forward with AI 🚀
At the #IndiaAIImpactSummit2026 held at Bharat Mandapam in New Delhi, Chief Minister Dr. Mohan Yadav engaged in one-to-one discussions with leaders of global tech companies.
Key agreements were reached to strengthen AI infrastructure… pic.twitter.com/nIYgrqszmo
— MP MyGov (@MP_MyGov) February 20, 2026