मुंबई, 25 फरवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को कहा कि निजी सूचीबद्ध गैर-वित्तीय कंपनियों की राजस्व वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 10.1 प्रतिशत रही।
इससे पहले लगातार 11 तिमाहियों तक इन कंपनियों की राजस्व वृद्धि इकाई अंक में ही बनी हुई थी।
आरबीआई के विश्लेषण में शामिल 3,188 कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर-दिसंबर, 2025 की तिमाही में इन कंपनियों की राजस्व वृद्धि में तेजी का श्रेय मुख्य रूप से विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन को जाता है।
निजी क्षेत्र की 1,794 सूचीबद्ध विनिर्माण कंपनियों की बिक्री पिछली तिमाही में सालाना आधार पर 11.4 प्रतिशत बढ़ी, जो इसके पहले की तिमाही में 8.5 प्रतिशत थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से वाहन, बिजली मशीनरी और अलौह धातु उद्योगों में उच्च बिक्री का नतीजा है।
सेवा क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों की बिक्री वृद्धि जुलाई-अगस्त तिमाही के 7.8 प्रतिशत से बढ़कर 8.8 प्रतिशत हो गई। वहीं गैर-आईटी सेवा कंपनियों की बिक्री वृद्धि तीसरी तिमाही में 10.8 प्रतिशत पर स्थिर रही।
आरबीआई ने कहा कि लाभ कमाने के लिहाज से विनिर्माण कंपनियों का परिचालन लाभ तीसरी तिमाही में 11.8 प्रतिशत बढ़ा, जिसे अन्य परिचालन खर्चों में मध्यम वृद्धि से समर्थन मिला।
आलोच्य तिमाही में आईटी कंपनियों के परिचालन लाभ में वृद्धि दर सुधरकर 11.1 प्रतिशत हो गई, जबकि गैर-आईटी सेवा कंपनियों के लिए यह घटकर चार प्रतिशत रह गई।
समग्र स्तर पर इन कंपनियों का शुद्ध लाभ अक्टूबर-दिसंबर, 2025 तिमाही में 5.2 प्रतिशत बढ़ा, जो जुलाई-सितंबर तिमाही के 1.5 प्रतिशत से अधिक है। लेकिन यह एक साल पहले की समान अवधि में दर्ज 11.8 प्रतिशत वृद्धि से कम है।
आरबीआई के मुताबिक, विनिर्माण कंपनियों का कच्चे माल पर व्यय बिक्री में वृद्धि के अनुरूप 12.7 प्रतिशत बढ़ा। वहीं विनिर्माण और आईटी कंपनियों के कर्मचारियों पर होने वाला खर्च क्रमशः 12.4 प्रतिशत और 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ा।
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प्रेम अजय
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