बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य : बिजेंद्र यादव

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बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य : बिजेंद्र यादव

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  • Publish Date - February 9, 2026 / 05:55 PM IST,
    Updated On - February 9, 2026 / 05:55 PM IST

पटना, नौ फरवरी (भाषा) बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार को कहा कि राज्य का बजट आकार पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है, जो वर्ष 2004–05 के 23,885 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2026–27 में 3,47,589.76 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि राज्य के विकास, अवसंरचना और सामाजिक क्षेत्रों में निवेश करने की बढ़ी हुई क्षमता को दर्शाती है।

वित्त मंत्री ने कहा सात निश्चय-3 (वर्ष 2025–2030) के संकल्प के साथ सरकार बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

वित्त मंत्री विधानसभा में बजट पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि एक तरफ जहां भारत विश्व की अर्थव्यवस्था में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बिहार की आर्थिक वृद्धि दर भी तेज गति से बढ़ने वाले राज्यों में शामिल है। वर्ष 2025–26 के लिए अनुमान है कि बिहार की अर्थव्यवस्था 14.9 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगी।

यादव ने कहा कि न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए बिहार सरकार ने सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के माध्यम से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आधारभूत संरचना में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब सात निश्चय-3 (वर्ष 2025–2030) के संकल्प के साथ बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि इस संकल्प के अंतर्गत पहला संकल्प—दोगुना रोजगार, दोगुनी आय—है। इसके तहत राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करना, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगारपरक गतिविधियां संचालित करने के लिए सभी परिवारों की महिलाओं को 10 हजार रुपये देना तथा लाभार्थियों को अपना रोजगार आगे बढ़ाने के लिए दो लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करना शामिल है। साथ ही रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देना और जाति आधारित गणना में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता देना भी इसमें शामिल है।

यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत अब तक एक करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से 2025 तक युवाओं को 50 लाख से अधिक नौकरी एवं रोजगार दिए जा चुके हैं और अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करते हुए एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।

दूसरे संकल्प का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ के अंतर्गत बिहार को पूर्वी भारत का नया प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने, विश्वस्तरीय कार्यस्थल के रूप में विकसित करने, प्रतिष्ठित उद्योगपतियों और युवाओं को राज्य में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा बड़े उद्योगों के लिए मुफ्त जमीन और आकर्षक अनुदान देने का भी प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा और नई चीनी मिलें स्थापित की जाएंगी। राज्य की औद्योगिक नीति का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजन है। सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निदेशालय का गठन किया गया है तथा बिहार उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग का भी गठन किया गया है।

तीसरे संकल्प के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने, डेयरी और मत्स्य पालन पर जोर देने तथा हर खेत तक सिंचाई पहुंचाने के लिए चौथी कृषि रूपरेखा (2024–2029) लागू की जा रही है।

चौथे संकल्प ‘उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य’ के तहत प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोलने, पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनाने तथा एक नए एजुकेशन सिटी का निर्माण करने की योजना है।

वित्त मंत्री ने कहा कि पांचवां संकल्प ‘सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन’ के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति शामिल है।

उन्होंने कहा कि छठा संकल्प ‘मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार’ के तहत शहरी सुविधाओं का विस्तार, बिजली, सौर ऊर्जा, पर्यटन, खेल और युवा शक्ति को बढ़ावा देना शामिल है। राज्य की सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में कम से कम एक खेल मैदान बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

सातवां संकल्प ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के तहत बुजुर्गों को घर पर स्वास्थ्य सुविधा, संपत्ति पंजीकरण की सुविधा और आधुनिक तकनीक आधारित संवेदनशील प्रशासन का लक्ष्य रखा गया है।

यादव ने कहा कि पिछले एक दशक में बिहार ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है। वर्ष 2024–25 में राज्य मखाना और लीची उत्पादन में प्रथम, मक्का में द्वितीय, शहद में चौथा, चावल में पांचवां और गेहूं में छठे स्थान पर रहा। देश के कुल मखाना उत्पादन का 85 प्रतिशत और लीची का 23 प्रतिशत बिहार में होता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों की लंबाई वर्ष 2015–16 के 64,205 किलोमीटर से बढ़कर वर्ष 2025–26 में 1.19 लाख किलोमीटर हो गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च तीन गुना बढ़ा है, जिससे संस्थागत प्रसव में वृद्धि और मातृ मृत्यु दर में कमी आई है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन के तहत वर्ष 2026–27 में राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद का लगभग तीन प्रतिशत रखने का लक्ष्य है। कुल बजट 3,47,590 करोड़ रुपये का अनुमानित है, जिसमें से लगभग 66.53 प्रतिशत राशि विकास कार्यों पर खर्च होगी।

यादव ने कहा कि बजट 2026–27 पर सामान्य विचार-विमर्श के दौरान सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों को उन्होंने गंभीरता से संज्ञान में लिया है।

भाषा कैलाश

राजकुमार अजय

अजय