एयरबस की कर्नाटक संयंत्र से सालाना 10 हेलिकॉप्टरों के विनिर्माण की योजना
एयरबस की कर्नाटक संयंत्र से सालाना 10 हेलिकॉप्टरों के विनिर्माण की योजना
(मनोज राममोहन)
नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) भारतीय बाजार की वृद्धि संभावनाओं को लेकर उत्साहित दिग्गज वैमानिकी कंपनी एयरबस की कर्नाटक में टाटा एडवांस्ड सिस्टम के सहयोग से स्थापित अपनी ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (एफएएल) से साल 2029 तक सालाना 10 एच-125 हेलीकॉप्टरों के उत्पादन की योजना है।
एयरबस हेलिकॉप्टर्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ब्रूनो ईवन ने हेलिकॉप्टरों को ‘राष्ट्र निर्माण’ और सार्वजनिक सेवाओं के एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि भारत में इसके लिए एक समूची पारिस्थितिकी के विकास के प्रयास जारी रहेंगे।
ईवन ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ खास बातचीत में कहा, ‘‘हम भारत में हेलिकॉप्टर बाजार की संभावनाओं पर दृढ़ विश्वास रखते हैं। हमारा मानना है कि एच-125 हेलिकॉप्टर भारत में असैन्य हेलिकॉप्टर बाजार को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।’’
एयरबस ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) के साथ मिलकर कर्नाटक के वेमगल में एच-125 के लिए देश की पहली निजी क्षेत्र की हेलिकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन स्थापित की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 17 फरवरी को इस सुविधा का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया था।
ईवन ने कहा कि इस संयंत्र से पहले हेलिकॉप्टर की आपूर्ति 2027 की शुरुआत में होने की उम्मीद है और 2029 तक वार्षिक उत्पादन बढ़ाकर 10 हेलीकॉप्टर कर दिया जाएगा।
इस संयंत्र में निर्मित हेलिकॉप्टर का दक्षिण एशिया के अन्य देशों को निर्यात भी किया जाएगा।
कंपनी भविष्य में इस केंद्र पर एच-125 के सैन्य संस्करण (एच125एम) के निर्माण पर भी विचार करेगी।
एयरबस के अनुसार, एच-125 मॉडल दुनिया भर में सबसे अधिक बिकने वाला सिंगल-इंजन हेलिकॉप्टर है, जिसने वैश्विक स्तर पर चार करोड़ से अधिक उड़ान घंटे पूरे किए हैं।
यह भारत एवं दक्षिण एशिया का सबसे लोकप्रिय हेलिकॉप्टर है और इतिहास का एकमात्र हेलिकॉप्टर है जो माउंट एवरेस्ट की चोटी पर भी सफलतापूर्वक उतर चुका है।
भाषा सुमित प्रेम
प्रेम

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